करोड़ों की ठगी कर बदरीधाम में बना साधु, दस साल बाद गिरफ्तार
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कोलकाता में करोड़ों की ठगी के आरोपी व्यक्ति को सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से गिरफ्तार किया। वह धाम में साधु के वेश में एक धर्मशाला में रह रहा था। आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद सीबीआई टीम उसे लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गई। आरोपी करीब दस साल से फरार था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
मधुबनी (बिहार) का मूल निवासी दुर्योधन मिश्रा कोलकाता में किसान विकास पत्र की एजेंसी चलाता था। वर्ष 2002 में उसने वहां कई लोगों को फर्जी दस्तावेज देकर करीब दो करोड़ 63 लाख की ठगी की।
किसान विकास पत्र की समयावधि पूर्ण होने पर जब उपभोक्ता परिपक्वता राशि के लिए एजेंसी संचालक के कार्यालय पर पहुंचे तो संबंधित व्यक्ति हाथ नहीं आया। किसान विकास पत्र के बारे में जानकारी लेने पर मालूम हुआ कि किसान विकास पत्र के नाम पर उन्हें जो दस्तावेज थमाए गए हैं, वह फर्जी हैं।
खोचने के लिए लगी सीबीआई तब आया हत्थे
वर्ष 2004 में पुलिस में मामला दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरू कर दी गई। एक वर्ष बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई मामले की जांच में जुट गई।
आरोपी दुर्योधन मिश्रा के परिजनों से कई दौर की पूछताछ में सीबीआई को आरोपी के उत्तराखंड में होने की जानकारी मिली। इसी क्रम में शुक्रवार को सीबीआई की टीम ने बदरीनाथ की एक धर्मशाला में छापा मारकर दुर्योधन को गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार को सीबीआई ने आरोपी को जिला न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया। टीम उसे लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गई।