प्राइवेट पार्ट में ठूंसी बजरी, फिर काट डाला गला
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युवक-युवती की निर्मम हत्या चार से अधिक लोगों ने की थी और उन्हें टुकड़े-टुकड़े कर उत्तराखंड के नानकसागर डैम में ठिकाने लगा गए थे। दोनों की नृशंस हत्या किसी डॉक्टर या कसाई के साथ मिलकर की गई होगी।
इसका खुलासा युवती के शरीर की फारेंसिक जांच में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक युवती के शरीर में चार लोगों से अधिक के फिंगर प्रिंट मिले हैं। हैवानियत इतनी ही नहीं, हत्यारों ने युवती के अंतरंग अंगों में रेत और बजरी तक ठूंस दी थी, जिनके सैंपल भी फारेंसिक लैब में भेजे गए हैं।
इसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। उधर, इस मामले में पुलिस ने बरेली जाकर मृतका के पति और मृतक के साले को भी हिरासत में ले लिया है। इधर, धस्माना नर्सिंग होम के मालिक की पत्नी से भी पुलिस ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की है।
सीओ जेआर जोशी ने बताया कि रिपोर्ट में युवती के शरीर पर चार के अधिक लोगों के अंगुलियों के निशान आए हैं, पर वे स्पष्ट नहीं हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्याकांड में चार से अधिक लोग शामिल हैं।
निशा शर्मा के साथ हत्यारों ने पार की क्रूरता हद
मृतका निशा शर्मा के साथ हत्यारों ने बेहद क्रूरता दिखाते हुए उसके अंतरंग अंगों में पत्थर और रेत तक भर दी। रिपोर्ट में इस तरफ भी इशारा किया गया है कि युवक-युवती के हाथ, पैर और गर्दन जिस तरह से काटे गए हैं वह या तो कोई डॉक्टर कर सकता है या फिर कसाई।
क्योंकि निशा शर्मा का सिर जब थैले से निकाला गया तो उसके चेहरे पर मुर्गी के पंख चिपके हुए थे, जबकि विजय पाल गंगवार का शरीर एक पशुआहार के कट्टे से बरामद हुआ था। इससे यह भी शक बनता है कि हत्या किसी फार्म में की गई होगी।
बीती 16 सितंबर को परिजनों ने नानकमत्ता थाने पहुंचकर मृतक की शिनाख्त विजयपाल गंगवार और मृतका की निशा शर्मा के रूप में की थी। जांच के दौरान पुलिस के शक की सुई अब निशा के पति और विजयपाल के साले पर भी घूमी है।
कारण, निशा का तलाक होने पर उसने पति विनोद शर्मा के खिलाफ बरेली अदालत में दहेज उत्पीड़न और भरण पोषण भत्ते के लिए केस कर रखा था। शक के आधार पर गुरुवार को नानकमत्ता पुलिस बरेली से मृतका के पति विनोद और मृतक के साले को यहां थाने ले आई, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
आरोपी डॉक्टर की पत्नी से पूछताछ
इसके अलावा थानाध्यक्ष ने धस्माना की पत्नी से थाने में करीब दो घंटे तक पूछताछ की। पुलिस ने डॉ. एचपी सिंह और बनबसा के धस्माना नर्सिंग होम के मालिक आशीष धस्माना को पहले से ही हिरासत में रखा हुआ है। उधर, गुरुवार शाम खटीमा के एसआई कैलाश जोशी ने बनबसा स्थित धस्माना अस्पताल में पहुंचकर दस्तावेज आदि की जांच की।
धस्माना अस्पताल में तहखाने की नहीं हुई पुष्टि
नानकमत्ता डबल मर्डर केस में संदेह के घेरे में आए धस्माना हॉस्पिटल में सुनसानी छाई हुई है। बुधवार की रात ऊधमसिंहनगर पुलिस द्वारा की गई छानबीन को गोपनीय रखा गया है। अलबत्ता हास्पिटल में तहखाना होने की बात पुष्ट नहीं हो पाई है। अब हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर भी नहीं है।
गत रात ऊधमसिंह नगर से आए एएसपी टीडी वैला ने हॉस्पिटल की तलाशी लेने के साथ ही गहनता से छानबीन की। उनके साथ मृतक युवक-युवती के परिजन और बरेली के रिटायर्ड एसआई जमुना प्रसाद मौर्या भी थे। बताया गया है कि पुलिस को छानबीन में अस्पताल में कोई तहखाना नहीं मिला है।
अलबत्ता एक कमरे के अंदर दूसरा अंधेरा कमरा पुलिस की जांच का विषय बना हुआ है। मृतका निशा शर्मा की मां के बयानों के बाद पुलिस ने यहां अस्पताल में पहुंच छानबीन की कार्रवाई की थी।
मरीजों और हॉस्पिटल स्टाफ से की पूछताछ
डबल मर्डर केस से सुर्खियों में आए धस्माना अस्पताल पर पुलिस की निगाह बनी हुई है। गुरुवार को आला पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चकरपुर चौकी प्रभारी केसी जोशी ने अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और स्टाफ के बारे में जानकारी हासिल की।
उन्होंने अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों की संख्या, उपचार करने वाले चिकित्सक और मरीजों की बीमारी बाबत जानकारी जुटाई। रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं है। मरीजों के आने पर बाहर से चिकित्सक बुलाए जाते हैं।
कुछ चिकित्सक सप्ताह में एक बार आया करते हैं। आरोपी डॉ. एचपी सिंह ही लगातार बरेली से यहां आया करते थे। उन्होंने बताया कि तीन माह के रिकार्ड चेक करने पर 44 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए जिनमें चार मरीजों के ऑपरेशन किए गए हैं।
...नहीं बचना चाहिए एक भी दोषी
दोहरे हत्याकांड में मारे गए युवक-युवती के परिजनों का कहना है कि युवक के पिता बालक राम ने हत्या के मुकदमे में जिनको नामजद किया है वो काफी अमीर लोग हैं। रसूखदार होने से कहीं हत्या के दोषी बच न निकलें।
उनका कहना था कि विजय और निशा की हत्या करने वाले कातिलों की संख्या चार से छह हो सकती है। उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि हत्याकांड में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप शामिल कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए।