दो को मारकर भी नहीं हुआ शांत, करेगा एक और खून
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युवक और युवती को नृशंस तरीके से मारकर नानकमत्ता सागर डैम में डालने के आरोपियों को अपने किए पर जरा भी पछतावा नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल कराने पहुंचे दोनों हत्यारोपियों ने ‘अमर उजाला’ से बेबाक अंदाज में खुलकर बात की।
मुख्य हत्यारोपी आशीष धस्माना ने कहा कि डाक्टर एचपी सिंह ने अस्पताल को बदनाम करने की नीयत से तीन नेपाली मरीजों को जान से मार दिया था। वह कई और मरीजों को मारने की फिराक में था।
बुधवार सुबह नानकमत्ता पुलिस की अभिरक्षा में दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी बनबसा के धस्माना अस्पताल के मालिक आशीष धस्माना और उसके ड्राइवर इदरीस को मेडिकल के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जैसे ही वह मेडिकल चेकअप के बाद बाहर आए तो ‘अमर उजाला’ ने हत्यारोपियों से बात की।
निशा शर्मा और विजय पाल गंगवार को इतनी बेदर्दी से क्यों मारा? इस सवाल पर धस्माना ने दो टूक कहा, उसके अस्पताल को बदनाम करने की नीयत से डॉक्टर एचपी सिंह ने तीन नेपाली मरीजों को इंजेक्शन लगाकर मौत के घाट उतार दिया था और कई नेपाली मरीजों की हालत भी गंभीर हो गई थी।
उसमें निशा और विजय भी शामिल थे। जब दुश्मनी डॉक्टर से थी तो बेकसूरों की हत्या क्यों की, इसके जवाब में धस्माना ने कहा कि जेल से छूटकर डॉक्टर का भी काम तमाम कर दूंगा।
पैकेट में नहीं आई लाश तो किए टुकड़े
मृतकों की हत्या के बाद उनके बेरहमी से टुकड़ों करने पर हत्यारोपी का कहना था कि जब दोनों के शव कट्टे में नहीं आए तो उनके टुकड़े कर कट्टे में भरा गया। पत्नी के बारे में उसने बताया कि रुचि धस्माना लखनऊ में एक इंस्टीट्यूट चलाती है। हत्याकांड को लेकर धस्माना के ड्राइवर इदरीस से पूछा गया तो उसने भी बड़े ही बेबाकी से कहा, भइया जी ने कहा कि विजय को मार दो, तो मैंने मार दिया।
‘अमर उजाला’ को बयान देते वक्त दोनों हत्याभियुक्तों के चेहरों पर शिकन तक न थी। धस्माना ने सीधे कहा कि उसे हत्या के लिए कोई पछतावा नहीं है। फोटो खींचने पर मना करते हुए बोला, इससे मेरे बच्चों को स्कूल के लोग परेशान करेंगे। अंत में पुलिस कर्मियों के इशारे पर दोनों गाड़ी बैठ गए और मुस्कुराते हुए चल दिए।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
नानकसागर डैम में मिली सिर, हाथ, पैर कटे विजय पाल गंगवार, निशा शर्मा हत्याकांड के हत्यारोपी धस्माना अस्पताल बनबसा के संचालक आशीष धस्माना और कानपुर निवासी ड्राइवर इदरीस अहमद को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार और गाड़ी को भी न्यायालय में पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती सिरोही ने गाड़ी सीज कर दी, जबकि हत्यारोपियों को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में हल्द्वानी जेल भेज दिया है।
डॉक्टर की डिग्रियों की हो रही जांच
डबल मर्डर में संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए 6 दिन पहले लाए गए मृतका के पति सहित तीन लोगों को पुलिस ने छोड़ दिया है। हालांकि डॉ. एचपी सिंह से अभी पूछताछ जारी है। पुलिस उसकी डिग्रियों समेत मरीजों के इलाज में लापरवाही करने के आरोपों की भी जांच कर रही है।
आठ सितंबर को नानकसागर डैम पर मिली युवक-युवती की लाशों का खुलासा करने के लिए गत 16 सितंबर से पुलिस ने शक के आधार पर मृतका निशा के पति विनोद शर्मा, अस्पताल के कर्मचारी सुनील गंगवार और खटीमा के कारपेंटर गुड्डू को हिरासत में ले रखा था। बुधवार को जिन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
हत्याकांड में गिरफ्तार मुख्य हत्यारोपी आशीष धस्माना द्वारा डॉ. एचपी सिंह पर लगाए गए उनके अस्पताल के तीन नेपाली मरीजों को इलाज में जानबूझ कर लापरवाही से जान से मारने के आरोप की जांच पुलिस अभी कर रही है। खटीमा के पुलिस क्षेत्राधिकारी जेआर जोशी ने बताया कि डॉ. एचपी सिंह की डिग्रियों की जांच की जा रही है और धस्माना के आरोप को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
चंपावत पुलिस को ट्रांसफर होगी विवेचना
दोहरे हत्याकांड के खुलासे के बाद अब जिला पुलिस विवेचना चंपावत पुलिस को ट्रांसफर करेगी। इसका कारण घटनास्थल का चंपावत जिले के बनबसा में होना है। इसके लिए जिले की पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है।
डबल मर्डर केस का मंगलवार को खुलासा कर पुलिस ने धस्माना अस्पताल के संचालक आशीष धस्माना और उसके वाहन चालक इदरीस अहमद को गिरफ्तार किया था। अब हत्या का खुलासा होने के बाद अब ऊधमसिंहनगर पुलिस मामले की विवेचना चंपावत पुलिस को स्थानांतरित करेगी।
इसकी पुष्टि करते हुए एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि घटनास्थल बनबसा क्षेत्र में है इसलिए अब विवेचना चंपावत जिला पुलिस को ट्रांसफर की जाएगी।