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खुलासाः देहरादून में छिपा था नाभा जेल ब्रेक कांड का शातिर

Sat, 25 Feb 2017 11:14 AM IST
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 25 Feb 2017 11:14 AM IST
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nabha jail break Accused sunil kalra arrested from dehradun
sunil kalra

अपराध जगत से लेकर पंजाब के उग्रवाद नेटवर्क में गहरी पैंठ रखने वाला सुनील कालरा पुलिस सोच से कई कदम आगे निकला। कालरा के जुर्म की फेहरिस्त जानकर पुलिस को बड़ा झटका लगा है।

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देहरादून में कालरा की छवि पर कोई दाग नहीं था। इसी विश्वास के सहारे वह नाभा जेल ब्रेक कांड के आरोपियों को शरण देने में कामयाब रहा। कालरा की जन्म कुंडली सामने आई तो पुलिस पैर पटकने के अलावा कुछ नहीं कर पाई। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में एक के बाद एक चूक में पुलिस अधिकारियों की चुप्पी भी सवाल उठने लाजिमी है।
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नाभा जेल ब्रेक कांड की दून में रची गई साजिश से पुलिस की साख को बट्टा लगा है। लुधियाना का शातिर अपराधी सुनील कालरा डेढ़ साल तक शहर के डिफेंस कालोनी और अमन विहार में सुनील अरोरा के नाम से रहा। पुलिस सत्यापन का दावा करते नहीं थकती, लेकिन सुनील के नजर में आना पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
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नतीजा यह हुआ कि सुनील के हौसले बुलंद हो गए। खुद तो छिपा ही रहा, नाभा जेल ब्रेक कांड की साजिश रचने वालों को दून में शरण दिला दी। जेल ब्रेक के बाद पलविंदर उर्फ पेंदा शामली में पकड़ा गया तो इसी साजिश का खुलासा हो सका। पेंदा के तीन साथी घटना के बाद सीधे कालरा के पास पहुंचे थे।

कालरा अन्य साथियों के साथ भूमिगत हो गया

nabha jail break Accused sunil kalra arrested from dehradun
police - फोटो : amar ujala

पुलिस जब तक पहुंची तो कालरा अन्य साथियों के साथ भूमिगत हो गया। पुलिस ने कालरा की पत्नी और नौकर को जेल भेजकर वाहवाही लूट ली। पुलिस अधिकारी फजीहत से बचने को सुनील कालरा को ढूंढने का हवाई दावा करते रहे। उस समय यह अहसास नहीं था कि कालरा इतना शातिर होगा।

इंदौर में कालरा की गिरफ्तारी के बाद नाभा थाना पुलिस चुपचाप देहरादून में घूमकर चली गई। दस दिन बाद पुलिस को सुनील के पकड़े जाने का पता लगा। यहां भी पुलिस चूक कर गई, नतीजा यह हुआ कि पंजाब पुलिस सुनील को पहले रिमांड पर लेने में कामयाब हो गई। पूछताछ में 80 लाख की डकैती का खुलासा हुआ तो फिर उसके तार देहरादून से जुड़ गए। पलटन बाजार के एक सर्राफ ने डकैती में मिले 32 लाख रुपये के जेवर 28 लाख रुपये में खरीद लिए।

उससे भी शर्मनाक बात यह रही कि सुनील और उसकी पत्नी के खातों को खंगालने का दावा करने वाली पुलिस को उसके लॉकर की भनक नहीं लग पाई। पुलिस ने यहां भी बड़ी सफाई से अपनी कमी को छिपा लिया। अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई का दावा ठोंकने में जरा सी देरी नहीं की। अधिकारी कुछ भी कहे, लेकिन पूरे मामले में पुलिस के साथ खुफिया तंत्र की नाकामी सवालों के घेरे में हैं। 

पैरोल लेकर गायब हो गया था सुनील
शातिर सुनील कालरा को पंजाब के एक हत्याकांड में सजा हो चुकी है। पैरोल मिलने के बाद सुनील भूमिगत हो गया था। रायपुर एसओ प्रदीप राणा का कहना है कि पंजाब पुलिस को पहले से उसकी तलाश थी। जल्द ही उसे देहरादून लाकर रिमांड पर लिया जाएगा।

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