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तो क्या वाहवाही लूटने के लिए खेल कर गई पुलिस
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 30 Apr 2014 03:57 PM IST
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ओएनजीसी के अधिकारी के आवास पर हुई नौकरानी गीता की हत्या का आखिर पूरा सच क्या है?
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मोबाइल बंद करने के पीछे मकसद क्या?
ऐसा तो नहीं कि हत्यारोपी के हलक से पूरा सच बाहर आ ही नहीं पाया या पुलिस खुलासे की वाहवाही लूटने की जल्दबाजी में कुछ घालमेल कर गई?
सवाल तो यह है कि दून की सीमा में घुसते ही हत्या के आरोपी का मोबाइल बंद करने के पीछे मकसद क्या हो सकता है?
किशनपुर एक्सटेंशन में हुई नौकरानी गीता की हत्या का खुलासा निसंदेह पुलिस की बड़ी कामयाबी है, क्योंकि वारदात का खुलासा अंधेरे में सुई तलाशने जैसा था।
आरोपी विकास शर्मा जुर्म को कबूल भी रहा है, लेकिन मोटिव को लेकर सवाल उठा रहा है। पुलिस हत्या की वजह बदनीयती बता रही है तो आरोपी अपमान को कारण बता रहा है।
दोनों के दावों के बीच तीसरा तथ्य भी है, जो अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर विकास को बडे़ भाई के परिवार से मदद मिलती रही है। अक्सर वह यहां आता-जाता था।
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दून सीमा में घुसने से पहले मोबाइली किया स्विच ऑफ
सूत्रों की मानें तो 15 अप्रैल को जब वह भाई के घर आ रहा था तो दून सीमा में घुसने से पहले ही अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। सवाल यही है कि मोबाइल बंद करने के पीछे उसकी मंशा क्या थी?
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नौकरानी का कत्ल करने के बाद फरार हुए विकास ने दून सीमा से बाहर होते ही मोबाइल ऑन कर दिया था। पुलिस भी यह साफ नहीं कर सकी कि मोबाइल लोकेशन क्यों छिपाई गई?
नौकरानी उसकी साजिश में रोड़ा तो नहीं बन गई थी? जबकि इसी लोकेशन के खेल में कानून के हाथ उसके गिरेबां तक पहुंचे थे।
तीन दिन बाद हुई मौत की पुष्टि
हत्या के आरोप में पकड़ा गया विकास शर्मा हड़बड़ाहट में यहां से सीधे हरिद्वार अपने घर चला गया, जहां पर उसने किसी से संपर्क नहीं किया।
विकास की मानें तो उसे नहीं पता था कि नौकरानी की मौत हो चुकी है। वह समझ रहा था कि वह तो उसे अधमरी हालत में छोड़कर आया है।
मेरठ से विकास की बहन को फोन आया जब जाकर उसे पता चला कि नौकरानी की मौत हो गई है।
पहले से था परिचित के होने का अंदेशा
कत्ल वाले दिन से ही अंदेशा था कि हत्या में कोई ना कोई परिचित है, क्योंकि नौकरानी पूरे समय मकान को बंद करके रहती थी। एक महिला द्वारा बताए गए संदिग्ध व्यक्ति का हुलिया भी आरोपी से काफी हद तक मिलता है।
सकते में है परिवार
कत्ल की घटना से संजय शर्मा और उनका परिवार सकते में है। घर में नौकरानी का कत्ल होने के बाद से पुलिस ने सबसे पहले पूरे परिवार की कुंडली खंगाली थी, तब जाकर जांच मृतका के परिजनों के ईद-गिर्द घूमी थी।
दोनों जगह से कोई सूत्र न मिलने के कारण पुलिस सर्विलांस के जरिये सुराग तलाश रही थी। शिक्षिका का पूरा परिवार घर में कत्ल के बाद से दहशत में था, यही वजह थी कि वह अपनी बहन के यहां परिवार के साथ रह रही थी।
ओएनजीसी अधिकारी भी दुबई वापस नहीं जा पा रहे थे।