होटल में बिस्तर पर मिली मां-बेटी की लाश, बाथरूम में पड़ा था पति
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ऊधमसिंहनगर के रुद्रपुर स्थित एक होटल में मां-बेटी मृत पाए गए, जबकि महिला का पति बाथरूम में बेहोश मिला। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कमरे से कीटनाशक की बोतल मिलने से तीनों के जहर खाने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है इसकी रिपोर्ट आने के बाद भी मौत के कारणों का पता चल पाएगा। हालांकि परिवारवालों से पूछने पर पता चला है कि दंपति पर काफी कर्जा हो गया था और उन्हें शेयर के कारोबार में घाटा हुआ था। सीओ सिटी को मामले की अग्रिम जांच के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक 30 अक्तूबर की शाम एक दंपति ने अपनी बेटी के साथ कार संख्या यूपी-15-एयू- 5110 से नैनीताल रोड स्थित होटल रिवेरा पहुंचकर तीसरी मंजिल में कमरा नंबर 201 बुक कराया था। मंगलवार सुबह जब होटल कर्मियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला।
बिस्तर पर फैला था खून, लड़की की आंख थी बाहर
दोनों शवों के आंख, मुंह और कानों से खून बहकर बिस्तर में फैला था। लड़की की तो एक आंख बाहर निकल आई थी। पूरा कमरा कीटनाशक की बदबू से भरा था। महिला का पति बाथरूम में बेहोश पड़ा था। पुलिस ने तत्काल उसे टेंपो से जिला अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलते ही सीओ बीएस चौहान, प्रशिक्षु आईएएस मनुज गोयल और ट्रांजिट कैंप एसओ सुशील कुमार ने शवों का मुआयना किया। कमरे से मिले कागज में लिखे मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया तो बेहोश मिले व्यक्ति की पहचान पंकज चौहान (41) निवासी 751/6 जागृति विहार थाना मेडिकल मेरठ के रूप में हुई।
उसकी पत्नी की पहचान मृदुला चौहान (36) और बेटी की वरन्या (11) के रूप में शिनाख्त हुई। दंपति शेयर ब्रोकर थे। फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. दयाल शरण ने टीम के साथ कमरे में पहुंचकर आवश्यक सबूत जुटाए। देर शाम हालत बिगड़ने पर पंकज को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि कमरे में जहर की बोतल मिलने की वजह से संभावना है कि तीनों ने जहर पीया है.
चार लाख रुपये के चेक हुए बरामद, चाकू और रस्सी भी
होटल रिवेरा के कमरा नंबर 201 में तलाशी के दौरान पुलिस को डोंगल लगा लैपटॉप, दो मोबाइल, करीब चार लाख रुपये के सिंडिकेट बैंक के चेक मिले, जो किसी उमा चौहान के नाम पर काटे गए थे। डोंगल लगा हुआ लैपटॉप खुला हुआ था।
गुड़गांव जाने के लिए घर से निकला था परिवार
घटना की सूचना मिलते ही पंकज के पिता सत्येंद्र सिंह और भाई कर्नल नीरज चौहान देर शाम जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पूरे वाकये की जानकारी एसओ सुशील कुमार से ली। नीरज ने बताया कि पंकज बीते शुक्रवार को गुड़गांव जाने के लिए परिवार के साथ घर से निकला था, पता नहीं यहां कैसे पहुंच गया। उन्होंने बताया कि पति और पत्नी शेयर मार्केट का कारोबार करते थे। उनकी बेटी छठी कक्षा में पढ़ती थी। पंकज को कारोबार में कितना घाटा हुआ इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
आखिर क्यों की पहचान छिपाने की कोशिश?
शेयर ब्रोकर पंकज ने होटल में ठहरते समय पहचान छिपाने की कोशिश भी की थी। उसने पत्नी का जो आईकार्ड की कापी जमा कराई, उसमें पति का नाम साहब सिंह राणा लिखा हुआ था। संदेह हो रहा है कि जमा की गई वोटर कार्ड की कापी फर्जी तो नहीं है। आखिर पंकज ने ऐसा क्यों किया, यह उसके होश में आने के बाद ही पता चल सकेगा।
शाम को पकौड़े और रात में मंगाया था डिनर
रुद्रपुर। होटल रिवेरा में बेटी के साथ ठहरे दंपति ने सोमवार शाम पकौड़े और चाय आर्डर की थी। होटल कर्मी भीम ने बताया कि सोमवार रात पंकज ने दाल फ्राई, जीरा राइस, रोटी और कढ़ाई पनीर का आर्डर दिया था। लेकिन जब वेटर करीब साढ़े दस बजे आर्डर लेकर पहुंचा तो पंकज से खाने के सामान कमरे के बाहर की रखवा दिया और खुद ले लेने की बात कही थी। लेकिन पंकज ने खाना नहीं लिया। सुबह वेटर कमरे के बाहर रखा खाना ले आया।