शेरवुड में यौन शोषण, आरोपी प्रिंसिपल को सरेंडर के निर्देश
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नैनीताल हाईकोर्ट ने धारा 21 पोक्सो के तहत शारीरिक शोषण के आरोप में दायर चार्जशीट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद शेरवुड कॉलेज के प्रिंसिपल को 10 फरवरी तक निचली अदालत में आत्मसर्मपण के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने उसी दिन इस प्रकरण पर निर्णय लेने के निर्देश भी जिला जज नैनीताल को दिए हैं।
न्यायमूर्ति आलोक सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नैनीताल के प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज के प्रिंसिपल अमनदीप संधू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ धारा 21 पोक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल आफेंसेज ) 2012 के तहत शारीरिक शोषण करने के आरोप में निचली अदालत में दायर चार्जशीट को चुनौती देते हुए उसे खारिज करने की मांग की थी।
मामले के अनुसार चार दिसंबर 2014 को पुलिस ने याचिकाकर्ता के खिलाफ कॉलेज में एक छात्र के साथ कथित यौन शोषण के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
छात्र के पिता ने कराई थी एफआईआर
इसके पहले पूर्व में इसकी एफआईआर छात्र के पिता ने 9 अक्तूबर 2014 को लिखाई थी। छात्र के पिता ने आरोप लगाया था कि घटना 6 अक्तूबर की थी लेकिन प्रिंसिपल की ओर से इसकी कोई सूचना पुलिस को नहीं दी गई।
जिसके बाद 9 अक्तूबर को उसके पिता ने ही एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद 4 दिसंबर, 2014 को पुलिस की ओर से निचली अदालत में याचिकाकर्ता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी।
प्रिंसिपल की ओर से इस चार्जशीट को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को 10 फरवरी तक निचली अदालत में सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं।