15 साल से था लापता, घर के पास आकर लगाई फांसी
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टिहरी के बडियारगढ़ क्षेत्र के नाड़ा ढौंडणा गांव के भगवान सिंह को 15 साल पहले लापता हुए बेटे की सूचना मिली, लेकिन उसके कभी लौटकर नहीं आने की। जिस बेटे को वह भूल चुके थे, उसके बारे में मंगलवार को पुलिस ने बताया कि उसने अपने गांव से 25 किलोमीटर दूर फांसी लगाकर जान दे दी है।
कीर्तिनगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़कोट की महिलाएं मंगलवार सुबह घास के लिए जंगल की ओर जा रही थी। तभी उन्हें पेयजल टैंक के पाइप में रस्से से लटका हुआ शव दिखाई दिया।
महिलाओं ने इसकी सूचना प्रधान पति अनिल थपलियाल को दी। थपलियाल की सूचना पर कोतवाल एएस रावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
घटना स्थल पर शव के पास ही पुलिस को एक बैग मिला। बैग के अंदर मिली डायरी में लिखे गए नंबर से उसके परिजनों से संपर्क किया गया।
घर वाले छोड़ चुके थे वापस लौटने की उम्मीदें
पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मृतक की पहचान हरि सिंह (40 वर्ष) पुत्र भगवान सिंह निवासी नाड़ा ढौंडणा के रूप में की। भगवान सिंह ने बताया कि उनका बेटा हरि सिंह 15 साल पहले घर से भाग गया था। तब से उसका कोई पता नहीं था।
काफी खोजबीन के बाद निराशा ही हाथ लगी। अब वह उसे भूल भी गए थे कि वह जिंदा है या नहीं। उसने घर आने के बारे भी उन्हें नहीं बताया था। अब उसने यहां आकर फांसी क्यों लगाई, यह उनकी समझ में नहीं आ रहा है।
कोतवाल रावत ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का है। मृतक ने रात के वक्त फांसी लगाई होगी। बहरहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट कारण पता लग सकेगा।