एनपीसीसी के ज्वाइंट जीएम को चार साल की जेल, दो लाख जुर्माना
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आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में सीबीआई अदालत ने नेशनल प्रोजेक्ट आफ कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनपीसीसी) के ज्वाइंट जनरल मैनेजर सतीश कुमार शर्मा को चार साल के कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।15 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में मुकदमा अभी विचाराधीन है।
विशेष न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद बुधवार को यह फैसला दिया। यही नहीं कोर्ट ने एक करोड़ तीन लाख रुपये की उनकी संपत्ति को राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए हैं। इस अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद सीबीआई की छापेमारी में आय से अधिक संपत्ति मिली थी।
15 लाख रिश्वत का मामला अभी कोर्ट में
सीबीआई ने अक्तूबर 2010 में एनपीसीसी के ज्वाइंट जनरल मैनेजर सतीश कुमार शर्मा को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था।
इसके बाद शर्मा के आवास और दूसरे ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद सीबीआई ने 2011 में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। सीबीआई के आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद इस मामले पर सुनवाई सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के कोर्ट में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश कुमार ने 38 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की तरफ से 18 गवाह प्रस्तुत किए गए थे।