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ATM में कैमरा लगाकर उड़ाए लाखों, सनसनी
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 06 Mar 2016 05:45 PM IST
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एटीएम
- फोटो : file photo
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आपकी जरा सी लापरवाही आपके बैंक खाते के बैलेंस को शून्य कर सकती है। दरअसल साइबर ठगों के नेटवर्क की नजर उत्तराखंड के सभी एटीएम पर है।
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पिछले दिनों नैनीताल में साइबर एक्सपर्ट की पड़ताल यह बात सामने आई है। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक साइबर क्रिमिनल एटीएम में स्कीमर डिवाइस के जरिए लोगों के एटीएम कार्ड का पासवर्ड और कोड कॉपी कर लेते हैं। बात में इसके जरिए किसी दूसरे एटीएम या दूसरे प्रांत से रकम निकाल लेते हैं।
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उत्तराखंड समेत पूरे देश में एटीएम कार्ड के नंबर और गोपनीय नंबर जानकर खाते से रकम निकालने के तो हजारों मामले सामने आ चुके हैं। पर नैनीताल के चार ग्राहकों के साइबर क्राइम का शिकार होने के मामले ने प्लास्टिक मनी यूज करने वाले यूजर्स की परेशानी बढ़ा दी है। इन लोगों से किसी तरह की जानकारी लिए बगैर इनके खातों से जयपुर, पूर्वी दिल्ली और बिहार से रकम निकाल ली गई।
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मामला संज्ञान में आने के बाद साइबर थाने ने नैनीताल पुलिस से समन्वय बनाकर ठगों तक पहुंचने की कड़ी में साइबर एक्सपर्ट से संपर्क साधा है। साइबर अपराध के जानकारों का मानना है कि एटीएम के अंदर स्कीमर डिवाइस अथवा कैमरे (पिन हॉल) लगाकर संबंधित ग्राहकों का डाटा चुराया गया।
डिवाइस के जरिए पहले एटीएम कार्ड का पिन कोड और गोपनीय कोड कॉपी किया गया। इस डाटा को रिकवर कर साइबर क्रिमिनलों ने उनके फर्जी एटीएम कार्ड तैयार किए। कार्ड मशीन में लगाकर गोपनीय कोड फीड कर रकम निकाली गई है। सूत्रों का कहना है कि यह तो जांच के बाद पता लग पाएगा कि यह डिवाइस कितने दिन तक किसी एटीएम में लगी रही।
डाटा चुराने का यह पूरा खेल एटीएम के अंदर से रचा गया है। इस वजह से एटीएम का पिन कोड और गोपनीय कोड नंबर उनके हाथ लग गया। यह कहना मुश्किल है कि कितने ग्राहकों का डाटा चुराया गया है, लेकिन यह गंभीर मामला है। नैनीताल पुलिस को साइबर थाने की तरफ से हर मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
- पी रेणुका देवी, एसएसपी एसटीएफ
ठगी से बचने को बरते यह सावधानी
.एटीएम में कार्ड लगाने से पहले मशीन के अलावा कक्ष में देख लें कि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु तो नहीं लगी।
.पूरी तसल्ली करने के बाद ही कार्ड को एटीएम मशीन में लगाया जाए।
.एटीएम मशीन में गोपनीय कोड नंबर फीड करते समय दूसरे हाथ से की बोर्ड को कवर कर लें, ताकि वो किसी की नजर में न आ सके।
.बैंक भी निरंतर जांच कर यह सुनिश्चित करें कि एटीएम के अंदर डाटा चुराने के लिए कैमरा अथवा डिवाइस तो नहीं फिट है।
बैंक सतर्क, आ सकता है मल्टीपल पिन फार्मेट
डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के जरिए धोखाधड़ी को रोकने के लिए बैंक मल्टीपल पिन फार्मेट को लाने का विकल्प तलाश रहे हैं। इस फार्मेट के तहत ग्राहक को दिन, महीने और समय के आधार पर एक निश्चित फार्मेट पर हर बार कार्ड के इस्तेमाल पर अपना पिन बदलना पड़ता है।