लाडली हत्याकांड: मुख्य आरोपी का डीएनए हुआ मैच
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पुलिस ने इस मामले में एक अन्य संदिग्ध लल्लू के सैंपल भी डीएनए जांच के लिए भेजे थे, लेकिन वे भी मैच नहीं हो पाए।
डीआईजी जीएस मर्तोलिया ने बताया कि बुधवार को देहरादून स्थित फोरेंसिक लैब से मिली डीएनए जांच रिपोर्ट में अली अख्तर का डीएनए मैच होने की पुष्टि हुई है।
रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस अब अख्तर को हत्या और रेप का, जबकि प्रेमपाल और जूनियर मसीह को उसका साथ देने का आरोपी बनाएगी। इस मामले में 10 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
मासूम की रेप के बाद कर दी गई थी हत्या
20 नवंबर को लाडली का शीशमहल स्थित रामलीला मैदान से शादी समारोह के दौरान अपहरण कर लिया गया था। 25 नवंबर को उसका शव रामलीला मैदान से करीब एक किलोमीटर दूर गौलापार में बरामद हुआ। उसके साथ दुराचार किया गया था।
पोस्टमार्टम में दुराचार के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव को मौत की वजह बताया गया था। इस मामले में पुलिस और एसटीएफ ने संदिग्ध डंपर चालक अख्तर अली को 27 नवंबर को लुधियाना से गिरफ्तार किया था।
उससे पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपियों डंपर चालक प्रेमपाल और क्लीनर जूनियर मसीह उर्फ पॉक्सी को भी 28 नवंबर को शीशमहल से गिरफ्तार कर लिया था। 30 नवंबर को तीनों आरोपियों और घटना के रोज अख्तर से साथ शराब पीने वाले लल्लू के ब्लड सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए देहरादून एफएसएल भिजवाए गए थे।
पुलिस की सारी जांच और घटना की सच्चाई इसी डीएनए रिपोर्ट पर टिकी थी, जिसका पुलिस और लोगों को बेसब्री से इंतजार था। तीनों आरोपी नैनीताल जेल में हैं।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर का रहा अहम रोल
इस मामले में करीब पांच दिन बाद शव मिलने से यह आशंका जताई जा रही थी कि कहीं डीएनए मैचिंग न हो पाएं। क्योंकि इतने समय तक आरोपियों के वीर्य और खून के नमूने खराब होने की आशंका थी, लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले सीपी भैसोड़ा ने काफी मेहनत से बच्ची के शरीर से सारे सैंपल एकत्र किए थे। इन्हीं सैंपलों को आरोपियों के ब्लड से मैच करवाया गया, जिसमें सफलता मिली।
आरोपियों को जेल
जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनएस धानिक की अदालत से हल्द्वानी के चर्चित लाडली हत्याकांड के तीनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
बता दें कि लाडली से बलात्कार और उसकी हत्या के आरोप में 27 नवंबर को पुलिस ने आरोपी डंपर चालक अख्तर अली को गिरफ्तार किया। जबकि 28 नवंबर को उसके साथी प्रेमपाल और जूनियर मसीह को गिरफ्तार किया गया। जिन्हें न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। अब न्यायालय ने तीनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए बढ़ा दिया है।