मिस्ड कॉल से परवान चढ़े 'प्यार' का खौफनाक अंजाम
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देहरादून से किडनैप हुए मेरठ के कारोबारी मनोज गुप्ता के अलावा मेरठ का एक अन्य सर्राफ अपहरणकर्ताओं के टारगेट पर था। ममता मसीह को दोनों को फंसाने का जिम्मा दिया गया था। लेकिन मिस्ड कॉल को सर्राफ ने अहमियत नहीं दी। यही वजह है कि वह इनके जाल में फंसने से बच गया। ममता मसीह से हुई पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है।
पूछताछ में ममता ने बताया कि अपहरण के लिए दो शिकारों पर दांव खेला गया था। मनोज गुप्ता के अलावा दूसरा सर्राफ का भी बड़ा नाम है। सौदेबाजी के बाद ममता मसीह को मनोज के अलावा दूसरे सर्राफ का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया था। मनोज गुप्ता से पहले ममता ने सर्राफ को ही मिस्ड कॉल की थी।
सर्राफ ने मिस्ड कॉल का जवाब नहीं दिया। दूसरी बार कॉल की तो सर्राफ ने किसी तरह का भाव नहीं दिया। अन्यथा सर्राफ ही उनका पहला शिकार होता। कारोबारी मनोज गुप्ता को दूसरे चरण में मिस्ड काल की गई। मनोज गुप्ता आसानी से इनके बिछाए जाल में फंस गया। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने बताया कि सर्राफ के अपहरण के संबंध में पूरी जानकारी गिरोह के पास थी। मसलन उसके पास कितनी संपत्ति है और कौन-कौन सौदेबाजी में मदद करा सकते हैं।
17 को बनी थी अपहरण की योजना
मनोज गुप्ता के अपहरण की योजना 17 फरवरी को जागृति विहार में अशोक त्यागी के आवास पर बनी थी। ममता मसीह बुलावे पर सुबह के समय ही गुड़गांव से मेरठ आ गई थी। पजेरो से उसे पिकअप कर आवास पर ले जाया गया, जहां पर विनय त्यागी और अन्य ने 18 फरवरी को देहरादून के सुरक्षित ठिकाने से उसे अगवा करने की योजना बनाई। रात में यहीं ठहरने के बाद सुबह ममता को मेरठ बाईपास पहुंचा दिया गया था। मनोज गुप्ता को उसने बाईपास से आने की बात पहले ही बता दी थी।
चार घंटे इंतजार कर लौट गई
एसएसपी ने बताया कि कारोबारी की रिहाई के बाद गिरोह ने 22 फरवरी को ममता मसीह को रुड़की डिपो की बस में बैठाकर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित एक रेस्टोरेंट में बुलाया था। चार घंटे तक वह यहां इंतजार करती रही, लेकिन विनय त्यागी अथवा किसी अन्य के नहीं आने के कारण वह वापस दिल्ली चली गई। पुलिस सक्रियता की वजह से बदमाश वहां नहीं पहुंच सके। हो सकता है कि उनका इरादा ममता को बुलाकर किसी तरह का नुकसान पहुंचाने का रहा हो।
गुप्ता का फिरौती की रकम देने से इनकार
मेरठ के कारोबारी मनोज गुप्ता ने फिरौती देने से साफ इनकार किया है। अलबत्ता अपहरणकर्ताओं द्वारा एक करोड़ रुपये मांगे जाने की बात स्वीकार की है। मनोज गुप्ता की पिटाई बदमाशों ने एक के हाथ की अंगुली मुंह में दबाने की वजह से की थी। बिस्तर और तकिये पर उनके फटे होठ और बदमाश की जख्मी अंगुली का खून लग गया था। मनोज ने पुलिस की सराहना करते हुए एक लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की।
अपहरणकर्ताओं के चुंगल से मुक्त होने के बाद मनोज गुप्ता सोमवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा नहीं था। गुप्ता का कहना है कि वह तो सो रहे थे। पैर पकड़े जाने का अहसास होने के कारण आंख खुल गई थी। इसी बीच एक बदमाश ने उनके मुंह पर टेप लगाने का प्रयास किया।
विरोध करते हुए उन्होंने बदमाश की एक अंगुली दांतों तले दबा दी। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। बंधक बनाने के बाद उन्हें कार से ले जाकर भूसे के कोठे में रखा गया। फोन पर बात कराने के लिए उन्हें कोठे से काफी दूर ले जाया जाता था।
बदमाशों ने 40 लाख और तीन किलो सोने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने एक सर्राफ साथी को रकम का इंतजाम करने के लिए कह दिया था, लेकिन बदमाशों ने फिरौती की बात बाद में करने की बात कहकर उसे हाइवे के पास छोड़ दिया। जहां पर कुछ देर बाद ही पुलिस टीम आ गई। मनोज ने अपनी सकुशल रिहाई का श्रेय दून पुलिस को देते हुए अपनी गलतियों को बेबाक तरीके से स्वीकार किया।
बीस लाख के लिए ममता बनी साजिश का हिस्सा
मेरठ के कारोबारी मनोज गुप्ता को अपने खूबसूरती के जाल में फंसाकर अपहरण में अहम किरदार निभाने वाली ममता मसीह को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में ममता ने खुलासा किया कि 20 लाख रुपये के लिए वह साजिश में शामिल हुई। विनय त्यागी उर्फ टिंकू के इशारे पर षड्यंत्र रचा गया था। पुलिस का कहना है कि विनय त्यागी की गिरफ्तारी के लिए मुजफ्फरनगर के खाईखेड़ी और मेरठ में दबिश दी गई है। इस मामले में पांच लोग फरार हैं।
प्रेमनगर के डूंगा स्थित फार्म हाउस से 18 फरवरी की रात मेरठ के कारोबारी मनोज गुप्ता के अपहरण के मामले में पुलिस रविवार देर रात साजिश में शामिल युवती ममता मसीह निवासी रंगपुरी महीपालपुर दिल्ली (मूलरूप से उज्जैन) को गिरफ्तार किया है। कई घंटे की पूछताछ के बाद ममता को सोमवार को मीडिया के सामने लाया गया।
गुड़गांव के स्पा सेंटर में काम करने वाली 26 साल की युवती ममता मसीह ने बताया कि पिछले माह उसके परिचित विकास त्यागी ने विनय त्यागी से गुड़गांव में उसकी मुलाकात कराई थी। पहले तो उसने अपहरण में शामिल होने से इनकार कर दिया था, लेकिन 20 लाख रुपये के लालच में वह साजिश में शामिल हो गई।
मनोज गुप्ता को मिस्ड कॉल करने के लिए उसे 22 दिन पहले मोबाइल और सिम विनय त्यागी ने दिया था। मिस्ड कॉल का जवाब मिलने के बाद उसकी मनोज से बातचीत शुरू हुई। नौ फरवरी को दिल्ली एक रेस्तरां में पहली मुलाकात हुई। 18 फरवरी की सुबह वह मेरठ बाईपास पर खड़ी थी, जहां से मनोज ने उसे पिक किया।
अकेले रहने की बात कहकर कार चालक को देहरादून से उतरवा दिया था। देर रात मैसेज कर शिकार के सोने की बात बताई थी। इसके बाद आई टेन कार में आए चार बदमाश उसे नीचे इनोवा में बैठाकर ऊपर चले गए। बाद में यह लोग बंधक बनाकर गुप्ता को नीचे लाए और इनोवा में उसके साथ बैठा दिया, ताकि रास्ते में किसी को शक न हो। अपहरण करने के बाद गुप्ता को हरिद्वार के रास्ते मुरादाबाद के पाक बाड़ा ले जाया गया। जहां से वह दो साथियों के साथ मेरठ चली गई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. सदानंद दाते ने बताया कि अपहरण और साजिश में शामिल बदमाशों की जानकारी मिल गई है। विनय त्यागी के तलाश में पुलिस टीम ने खाईखेड़ी और मेरठ स्थित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। एसपी सिटी अजय सिंह, सीओ सिटी मनोज कत्याल, सीओ विकास नगर स्वप्न किशोर सिंह आदि इस दौरान मौजूद थे।