प्रेमिका की दूसरे से नजदीकी नहीं पसंद आई, इसलिए मार डाला
- पांच अप्रैल को पिरानकलियर के गेस्टहाउस में हुई हत्या का खुलासा
- संचालक की ओर से फर्जी आईडी पर दिया था कमरा
- एसएसपी ने दिए गेस्टहाउस सील करने के निर्देश
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दरगाह क्षेत्र के आशियाना गेस्टहाउस में अमरोहा निवासी युवती की हत्या बेवफाई से आहत उसके प्रेमी ने ही की थी। पुलिस ने शनिवार को अमरोहा (यूपी) निवासी आरोपी को रुड़की से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से कमरे की चाबी बरामद की। उसके बाद एसएसपी ने फर्जी आईडी से कमरा देने पर गेस्टहाउस सील करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शनिवार दोपहर एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने कलियर थाने में पत्रकारवार्ता के दौरान हत्याकांड से पर्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कलियर-धनौरी रोड पर आशियाना गेस्टहाउस के एक कमरे से सात अप्रैल को युवती का शव बरामद हुआ था।
इस मामले में पुलिस ने कमरे में ठहरने वाले कैराना निवासी सुधीर समेत तमाम संदिग्धों से पूछताछ की। लेकिन हत्यारोपी का पता नहीं चला। तीन दिन पहले परिजनों ने युवती की शिनाख्त की थी। पूछताछ में कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे थे। उसके आधार पर शनिवार सुबह एसओ कलियर महेश जोशी की अगुवाई में एक टीम ने रुड़की रोडवेज बस अड्डे से युसुफ पुत्र शब्बीर निवासी उकसी, रायपुर, अमरोहा जेपीनगर (यूपी) को गिरफ्तार किया।
दूसरे युवक से नजदीकियां नहीं कर पाया बर्दाश्त
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन कुछ दिन से उसकी नजदीकियां फैक्ट्री में काम करने वाले अनुज नाम के युवक से हो गई थी। कई बार मना करने पर वह नहीं मानी।
युसुफ ने बताया कि पहले उसने सात मार्च को हत्या की प्लानिंग की थी। वह प्रेमिका को लेकर कलियर पहुंचा था। लेकिन मौका नहीं मिला। उसके बाद फिर योजना बनाकर वह प्रेमिका को लेकर पांच अप्रैल को कलियर पहुंचा और अमृत नाम की फर्जी आईडी पर गेस्टहाउस में कमरा लिया।
हत्या के बाद शव को बेड के नीचे डालकर फरार हो गया। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने निर्देश दिए कि फर्जी आईडी से कमरा दिया गया है। इस पर गेस्टहाउस सील किया जाए। खुलासे के दौरान एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल मौजूद रहे।
दिल्ली से मिला था ड्राइविंग लाइसेंस
आरोपी युसुफ महिपालपुर, दिल्ली की एक कंपनी में काम करता है। उसे पुल के पास अमृत नामक व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस मिला था। इस आईडी पर उसने कई मर्तबा कलियर में कमरा लिया था लेकिन गेस्टहाउस संचालक ने न लाइसेंस पर लगे फोटो का युसुफ से मिलान किया और न युवती की आईडी मांगी। यही वजह रही कि हत्या का खुलासा करने में पुलिस को माथापच्ची करनी पड़ी।
पुलिस को ढाई हजार का इनाम
हत्याकांड का खुलासा करने पर एसएसपी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई। खुलासा करने वाली टीम में एसओ महेश जोशी, उपनिरीक्षक महानंद, धनौरी चौकी प्रभारी रनजीत तोमर, सिपाही मानविंद्र, अरविंद, उमेश जोशी आदि शामिल रहे। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार इनाम देने की घोषणा की।