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पढ़ें, मसूरी को दहलाने वाले सिपाही के खतरनाक इरादे

Mon, 13 Jul 2015 03:19 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 13 Jul 2015 03:19 PM IST
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itbp constable kill sub inspector in mussoorie.

बीती 10 जुलाई की शाम लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (मसूरी) में गारद कमांडर की हत्या और साथी जवान को घायल करने वाले आईटीबीपी के सिपाही ने रविवार को बेबाकी से अपना जुर्म कबूल कर लिया।

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आरोपी सिपाही चंद्रशेखर ने साफ कहा कि वह दो दारोगाओं की जान लेना चाहता था, लेकिन एक उसके सामने नहीं आया। इससे उसकी जान बच गई। कहा कि गाली-गलौज किए जाने के कारण उसमें गुस्सा भर गया था।
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भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सिपाही चंद्रशेखर के रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-36 में पकड़े जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। सीओ विकासनगर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चंडीगढ़ पहुंचकर आरोपी सिपाही से गहन पूछताछ की।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने कहा कि पूछताछ में टीम को आरोपी ने बताया कि ड्यूटी के बाद सिपाही की ओर से गारद कमांडर सुरेंद्र लाल को चाय पिलाए जाने की व्यवस्था थी। एक दिन उसकी एएसआई राकेश से चाय न देने पर कहासुनी हो गई थी।

दारोगा और एएसआई ने उसके साथ अभद्रता की। तब से दोनों से उसकी ठन गई थी। इसी बीच मोबाइल पर चैटिंग प्रकरण ने आग में घी डालने का काम किया। चैटिंग करने पर सजा देने के दौरान उनमें बहस हो गई।

आरोपी सिपाही ने बताया कि गाली दिए जाने के बाद उसने दारोगा सुरेंद्र लाल और सहायक दारोगा राकेश की हत्या करने की साजिश रची। वारदात वाले दिन आरोपी चंद्रशेखर काफी देर तक सहायक दारोगा राकेश का दारोगा सुरेंद्र्र के पास आने का इंतजार करता रहा, लेकिन जब वह नहीं आया तो सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र लाल पर ही गोलियां दाग दीं।

बीचबचाव करने आए अख्तर हुसैन को भी गोली लग गई। कहा कि उसने दूरी पर खड़े एएसआई राकेश पर फायर मारा था, लेकिन वह बच गया।

पूरी तैयारी के साथ दिया वारदात को अंजाम

itbp constable kill sub inspector in mussoorie.

आरोपी सिपाही ने पूछताछ में बताया कि शुक्रवार को वारदात को अंजाम देने से पहले उसने बैंक खाते से रुपए निकाले और फिर वर्दी के नीचे सादे कपड़े पहन लिए, ताकि भागते समय वर्दी उतार सके।

बताया कि वारदात के बाद मौके से फरार होने के बाद जंगल में वर्दी उतारने के बाद उसने हथियार को छिपा दिया। इसके बाद सादे कपड़ों में ही वह यहां से फरार हुआ।

हथियार बरामद करने की कार्रवाई आज
सीओ विकासनगर की अगुवाई में पुलिस टीम के रविवार देर रात तक आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दून पहुंचने की उम्मीद है। आरोपी ने एलएमजी (लाइट मशीन गन) और कारतूस के कंपनी बाग के पास छिपाने की बात स्वीकार की है।

आईटीबीपी के सिपाही और हत्यारोपी चंद्रशेखर को लेकर पुलिस सोमवार को मसूरी ले जाएगी, जहां पर उसकी निशानदेही पर एलएमजी और कारतूस बरामद होने की कार्रवाई होगी। हालांकि, चर्चाएं हथियार के पहले ही बरामद होने की हैं।

200 रुपए में आया दून
आरोपी सिपाही ने बताया कि खून-खराबा करने के बाद वह रातभर जंगल में छिपा रहा। तड़के में वह कैंपटीफाल पहुंच गया। यहां से शनिवार सुबह आठ बजे के करीब टैक्सी में 200 रुपए देकर दून आया। यहां आईएसबीटी से बस से वह पहले हरिद्वार गया। वहां से बस में सवार होकर चंडीगढ़ पहुंच गया।

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