आईएस के इशारे पर थी अर्द्धकुंभ में सीरियल ब्लास्ट की साजिश
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उत्तराखंड के मंगलौर क्षेत्र से आतंकी साजिश के आरोप में पकड़े गए चार युवकों ने आईएसआईएस के इशारे पर अर्द्धकुंभ में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रची थी। खुफिया तंत्र की सक्रियता से वह नाकाम हो गई। मंगलवार की रात पुलिस और खुफिया विभाग की पूछताछ में चारों ने रोंगटे खड़े करने वाले खुलासे किए।
इराक और सीरिया से लगातार संपर्क में थे आरोपी
युवक अर्द्धकुंभ मेले में किसी ट्रेन में कलश में बम रखकर विस्फोट करने की फिराक में थे। उन्होंने हरकी पैड़ी के अलावा रेलवे स्टेशन की रेकी थी। इराक और सीरिया से लगातार संपर्क की वजह से पकड़ में आए युवकों को दिल्ली कोर्ट में पेश किया गया। वहां से मिले 15 दिन के रिमांड के बाद दिल्ली स्पेशल सेल उत्तराखंड के कई हिस्सों में छापेमारी की तैयारी में है।
दिल्ली की आईबी टीम, स्पेशल सेल और उत्तराखंड पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई। मंगलवार को पकड़े गए चारों युवकों को दिल्ली ले जाकर रात भर पूछताछ की गई।
इराक में बैठे आका ने उपलब्ध कराए मिशन के लिए रुपये
बुधवार को दिल्ली में पुलिस के विशेष आयुक्त (स्पेशल सेल) अरविंद दीप, देहरादून में गढ़वाल रेंज के आईजी संजय गुंज्याल और हरिद्वार में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज ने कार्रवाई के बारे में मीडिया को जानकारी दी।
करीब दो माह पहले हरिद्वार के कुछ युवकों की आतंकी संगठन से जुड़ने की सूचना मिली थी। दिल्ली की स्पेशल सेल और उत्तराखंड पुलिस की जांच में पता चला है कि सोशल साइट्स के जरिये मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर चंदनपुर निवासी अखलाकुर्रहमान (अखलाक) इराक के रहने वाले यूसुफ नाम के व्यक्ति के संपर्क में है।
यूसुफ के इशारे पर उसने आसपास के युवकों को जोड़ा। अभी तक की जानकारी में इन्हें इराक में बैठे यूसुफ ने मुजफ्फरनगर के एक युवक की मदद से 50 हजार रुपये उपलब्ध कराए। रुपये मिलते ही चारों सक्रिय हो गए।
ट्रेन में विस्फोट की थी साजिश
हरकी पैड़ी समेत भीड़भाड़ वाले क्षेत्र की रेकी कर वहां की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी वे यूसुफ को लगातार उपलब्ध कराते रहे। ऊपर से मिले दिशा-निर्देशों पर ही चारों ने हरिद्वार स्टेशन पर यात्रियों से भरी ट्रेन में विस्फोट कर उड़ाने की साजिश रची थी।
मेडिकल और ग्रेजुएट की पढ़ाई कर रहे पकड़े युवक
(तस्वीर- ऋषिकुल कॉलेज जहां पढ़ता था मेराज)
- पॉलीटेक्निक फाइनल ईयर का छात्र अखलाकुर्रहमान (अखलाक) पुत्र मोहम्मद नसीम निवासी तेल्लीवाला, डाबर वाली मजिस्द, ग्राम भगवानपुर चंदनपुर, थाना मंगलौर।
- बीए द्वितीय वर्ष का छात्र ओसामा उर्फ आदिल उर्फ पीर पुत्र नफीज अहमद निवासी ग्राम जौरासी, थाना कोतवाली सिविल लाइंस रुड़की।
- मोहम्मद अजीमुस्सान पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी मोहल्ला बाहरी किला, रुस्तम वाली गली, लंढौरा, थाना मंगलौर।
- ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज बीएएमएस प्रथम वर्ष बैच 2014 का छात्र मोहम्मद मेराज उर्फ मोनू पुत्र तज्जमुल हुसैन निवासी नगर पंचायत ऑफिस के पास लक्सर रोड, लंढौरा, थाना मंगलौर।
15 दिन का मिला पुलिस रिमांड
दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (स्पेशल सेल) अरविंद दीप ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को उत्तराखंड में आतंकियों के होने के इनपुट्स मिले थे। इसके बाद स्पेशल सेल ने उत्तराखंड पुलिस के सहयोग से चार संदिग्ध आतंकियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
चारों को बुधवार सुबह कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 15 दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। हरिद्वार में अर्द्धकुंभ मेला और दिल्ली-एनसीआर इनके निशाने पर था। वे गणतंत्र दिवस से पहले बड़ी आतंकी वारदात करना चाहते थे। अखलाक इस मॉड्यूल का मास्टर माइंड है। वह इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर रहा है।