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जज के सामने अपने बयानों से पलटी फर्जी आईएएस रूबी

Sat, 04 Apr 2015 10:37 PM IST
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 04 Apr 2015 10:37 PM IST
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I am guilty, says fake IAS officer ruby in court.

लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी में छह माह तक फर्जी आईएएस बनकर रहने वाली रूबी ने शनिवार को अदालत में अपनी सारी ‘गलतियां’ कबूल कीं। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय छवि बंसल की अदालत में दोपहर 03:05 बजे पहुंची रूबी कठघरे में पहुंचने के बाद कुछ पल चुप्पी साधे खड़ी रही।

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एक दिन पहले रूबी के द्वारा अकादमी के बड़े अधिकारियों पर खुलेआम आरोप लगाने और अचानक कोर्ट में बयान बदलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

जब अदालत ने रूबी से सवाल किए तो उसने अधिकतर जवाब हां या ना में दिए। उसने माना कि वह फर्जी तरीके से आईएएस अकादमी में रह रही थी और इसके लिए फर्जी आईकार्ड भी बनवाया था।
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अदालत ने पूछा तो उसने जवाब दिया कि आईएएस अधिकारी बनना उसका शौक था। नहीं बन सकी तो शौक पूरा करने के लिए अकादमी आ गई। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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रूबी को शुक्रवार की रात को एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया।

डिप्टी डायरेक्टर पर लगाए थे सनसनीखेज आरोप

I am guilty, says fake IAS officer ruby in court.

मालूम हो कि गिरफ्तारी से पहले रूबी अकादमी के उपनिदेशक पर नौकरी के रिश्वत लेने का आरोप लगा रही थी। आरोप लगाते हुए कहा था कि उसे अकादमी के अधिकारी की ओर से ही कार्ड बनाकर दिया गया था।

अदालत में रूबी की ओर से अधिवक्ता एमएस पंत और सुयश कुकरेती ने पैरवी की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने रूबी पर जो धाराएं लगाई हैं, वे गलत हैं। पुलिस ने उसे फर्द की कॉपी तक नहीं दी। अधिवक्ताओं का कहना था कि पुलिस ने फर्जी कहानी गढ़कर रूबी को गिरफ्तार किया है, जबकि वह पूरे मामले में पुलिस का सहयोग कर रही थी।

बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने पुलिस की ओर से पुलिस रिमांड के 14 दिन के प्रार्थना पत्र का भी विरोध किया। वहीं रूबी की मेडिकल जांच के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र दिया। रिमांड पर सोमवार को सुनवाई होगी। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता किशोर सिंह व अल्पना थापा पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया।

पानी मांगती रही, चक्कर खाकर गिरी

I am guilty, says fake IAS officer ruby in court.

करीब 45 मिनट तक कोर्ट परिसर में रही रूबी कठघरे में खड़े रहने के दौरान बेहद घबराई हुई और थकी सी नजर आई। उसके परिवार का कोई सदस्य कोर्ट में मौजूद नहीं था। घबराहट के चलते वह बार-बार पानी मांगती रही।

कुछ देर बाद अचानक उसे चक्कर आ गया और वह कठघरे में गिर गई। इस पर उसे कठघरे से निकालकर एक कुर्सी पर बिठा दिया गया। यहां भी वह फिर पानी मांगने लगी।

जेल चलो, सुनते ही फिर गिरी
अदालत में पेशी के बाद रूबी ने पुलिसकर्मियों से पूछा अब कहां जाना है? पुलिस ने जैसे ही बताया कि अब उसे जेल ले जाया जा रहा है तो वह फिर चक्कर खाकर गिर गई। महिला जवानों ने उसे संभाला। होश में आने के बाद उसका कहना था कि पुलिस ने बताया था कि पेशी के बाद उसे छोड़ दिया जाएगा।

पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप

I am guilty, says fake IAS officer ruby in court.

कोर्ट में पेशी के दौरान रूबी ने कहा कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके साथ मारपीट की। हालांकि, पुलिस ने रूबी के आरोप को निराधार बताया है।

वकीलों, पत्रकारों से नोकझोंक
रूबी को कोर्ट में पेश करने की खबर से परिसर में सुबह 11 बजे से मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लगा था। दोपहर बाद राजपुर पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा में लेकर अदालत पहुंची। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने रूबी से बातचीत की कोशिश की तो पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। वकीलों को भी रूबी के पास नहीं जाने दिया गया।

हो सकता है आजीवन कारावास
वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी का कहना है कि रूबी चौधरी के खिलाफ पुलिस ने फर्जीवाड़ा, फर्जी दस्तावेज बनाकर उसे असल रूप में इस्तेमाल करने, लोक सेवा के प्रतिरूपण, कूट रचित दस्तावेज की धारा में मामला दर्ज किया है। कानून व‌िशेषज्ञों के मुताबिक आरोप साबित हुआ तो रूबी को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

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