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7 साल के बच्चे से करता रहा कुकर्म, इसके बाद भी मन नहीं भरा तो कर दिया खौफनाक काम

Sun, 22 Apr 2018 10:12 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 22 Apr 2018 10:12 PM IST
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Heinous sex crime with seven years old boy life prison in dehradun

सात साल के बच्चे से कुकर्म करने वाले युवक को अदालत ने सजा तो सुना दी, लेकिन उसकी कहानी ने सबको झकझोर कर रख दिया। कुकर्म कर हत्या करने वाले युवक को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रमा पांडेय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

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साथ ही एक लाख 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदंड में से 50 हजार की धनराशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में देने के निर्देश दिए। वहीं, पीड़ित परिवार को 35 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में भी दिए जाएंगे।
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अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता बीएस नेगी ने बताया कि डोईवाला क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 23 अगस्त 2013 को थाना डोईवाला में अपने सात वर्षीय बालक की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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अगले दिन बालक का शव मारुति एस्टीम कार नंबर यूए 07 ए 9406 की पिछली सीट से बरामद हुआ। यह कार डोईवाला निवासी अमित कौशल की थी। जांच में बालक के साथ कुकर्म कर हत्या की पुष्टि हुई थी।

काम नहीं आई दलील

Heinous sex crime with seven years old boy life prison in dehradun
child rape
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए, जिसमें चार गवाहों को अभियोजन से पक्षद्रोही घोषित किया। बचाव पक्ष ने एक गवाह के बयान कराए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि आरोपी अमित कौशल ने ही पड़ोस में रहने वाले नाबालिग पीड़ित के साथ जबरन कुकर्म किया और अपना कुकृत्य छिपाने के लिए बालक की हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के इरादे से उसने उसे अपनी गाड़ी में रखा था। हालांकि वह शव ठिकाने लगाता, उससे पहले ही पकड़ा गया।

काम नहीं आई दलील
बचाव पक्ष ने दलील दी कि गाड़ी अमित की नहीं है। उसे यह भी पता नहीं कि गाड़ी में शव कहां से आया। लेकिन कोर्ट ने इस कथन को यह कहकर अस्वीकार किया कि आरोपी ने जब्त की गई उपरोक्त गाड़ी को छुड़वाने के लिये न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया था। इससे यह साबित हो गया कि गाड़ी अमित की है। साथ ही वह इस बात का जवाब भी नहीं दे सका कि उसके घर में खड़ी गाड़ी में शव कहां से आया।

 

उम्रकैद और 1.35 लाख जुर्माना

Heinous sex crime with seven years old boy life prison in dehradun

उम्रकैद और 1.35 लाख जुर्माना
कोर्ट ने आरोपी अमित को आईपीसी की धारा 377/302/201 और पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत दोषी करार दिया। बचाव पक्ष ने दोषी के 30 वर्षीय नवयुवक होने का हवाला देते हुए सजा में रियायत की गुहार लगाई। हालांकि कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। अमित पर हत्या के अपराध में आजीवन कारावास व 50 हजार अर्थदंड, धारा छह पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष का कठोर कारावास व 50 हजार अर्थदंड और धारा 377 (अप्राकृतिक दुष्कर्म) में सात वर्ष का कठोर कारावास व 30 हजार अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा धारा 201 में तीन वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार अर्थदंड लगाया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

पीड़ित परिवार को मुआवजा
कोर्ट ने 50 हजार अर्थदंड में से 30 हजार और 30 हजार अर्थदंड में से 20 हजार मुआवजा पीड़ित के परिवार को देने के आदेश दिए। इसके अलावा सीआरपीसी की धारा 357 के तहत पीड़ित परिवार को ‘उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता योजना वर्ष 2013’ के तहत 35 हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने जिलाधिकारी को पीड़ित पक्ष को क्षतिपूर्ति के 35 हजार रुपये  दिलवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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