{"_id":"67136e9651dd78493aed3a2ac1a4ed88","slug":"god-please-forgive-me-for-theft","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईश्वर मुझे माफ करना, मजबूरी में की चोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ईश्वर मुझे माफ करना, मजबूरी में की चोरी
अमर उजाला, कंडीसौड़ (टिहरी)
Updated Mon, 14 Oct 2013 12:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में भगवान और चोर का अजब रिश्ता सामने आया है! टिहरी के भरदार गांव में कृष्ण नागराज और देवी मंदिर से दो माह पहले हुई चोरी का खुलासा खुद चोर ने कर दी है।
विज्ञापन
गुनाह की माफी मांगी
इस चोरी का खुलासा पुलिस अभी तक नहीं कर पाई थी। लेकिन दो माह बाद चोर ने खुद ही मंदिर में चोरी का सामान रख दिया। साथ ही देवी मां के चरणों में एक पत्र रखकर उसमें अपने गुनाह की माफी भी मांगी है।
विज्ञापन
बीते चार अगस्त को मंदिर से चोर दानपात्र तोड़कर उसमें रखी लगभग 20 हजार की नगदी उड़ा ले गए। मंदिर समिति की ओर से चोरों के खिलाफ राजस्व पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बावजूद इसके राजस्व पुलिस दो माह बाद भी चोर को नहीं पकड़ पाई, लेकिन चोर का दिल खुद ही पसीज गया।
विज्ञापन
मां के चरणों में पत्र
शुक्रवार रात को कोई मंदिर में एक देवी की नई मूर्ति और पांच किलो की एक पीतल की घंटी रख गया। साथ ही देवी मां के चरणों में एक पत्र भी छोड़ गया है, जिसमें लिखा है कि मैने चोरी मजबूरी में की थी। ईश्वर मुझे माफ करना।
नगदी के बदले देवी मूर्ति और घंटी आपके चरणों में लौटा रहा हूं। मुझे माफ करना। मंदिर समिति के सदस्य रामकृष्ण नौटियाल, पूर्व प्रधान पीतांबर दत्त नौटियाल ने बताया कि शुक्रवार को मंदिर में अष्टमी का पाठ था। उसी रात को मंदिर में मूर्ति और घंटी रखी गई है।