{"_id":"844d1a402ca99696c33d59243017a543","slug":"fraud-on-mbbs-admission-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"MBBS में प्रवेश के नाम पर बनाया पप्पू, ठगे लाखों","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
MBBS में प्रवेश के नाम पर बनाया पप्पू, ठगे लाखों
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 07 Oct 2014 12:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालसाजों ने एमबीबीएस में प्रवेश के नाम पर श्रीनगर गढ़वाल के एक परिवार से पांच लाख रुपए ठग लिए।
विज्ञापन
एसएसपी ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। श्रीनगर गढ़वाल के श्रीकोट निवासी मोहन प्रसाद डिमरी ने इस संबंध में एसएसपी अजय रौतेला से शिकायत की थी।
लखनऊ या हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का दावा
उन्होंने बताया कि एमबीबीएस में प्रवेश से संबंधित विज्ञापन एक समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ था। अपनी बेटी के दाखिले के लिए उन्होंने विज्ञापन में दिए गए फोन नंबर पर संपर्क किया तो लखनऊ या हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का दावा किया गया।
विज्ञापन
पहले 15 लाख रुपए की मांग की गई थी, लेकिन फिर 10 लाख में बात तय हो गई थी। आरोपी ने ऋषिकेश बुलाकर एक लाख रुपए और बेटी के मूल दस्तावेज उनसे ले लिए। बताया कि वह फ्लाइट से दिल्ली जा रहा है। कुछ दिन बाद उसने फोन कर चार लाख का भुगतान कराने के लिए कहा।
विज्ञापन
यह रकम आईएसबीटी पर दी गई। वह बेटी को लेकर लखनऊ पहुंचे तो आरोपी का मोबाइल नंबर बंद मिला। कुछ दिन बाद संपर्क हुआ तो उन्हें आरोपी पर रकम वापस करने का दबाव बनाया।
इस पर उसने किसी और के नाम का चेक बतौर जमानत उन्हें सौंप दिया, लेकिन इसके बाद उससे संपर्क नहीं हो पाया। एसएसपी ने पुलिस को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है।
बढ़ा है गोरखधंधा
विज्ञापनों के माध्यमों से इन दिनों ठगी का गोरखधंधा बढ़ा है। नौकरी, टावर, मेडिकल प्रवेश, विदेश भेजने के नाम पर यह खेल चल रहा है। लगातार इस तरह की शिकायतें बढ़ रही है।
- अजय सिंह, एसपी सिटी
यह बरते सावधानियां
- विज्ञापनों पर आंख बंद कर विश्वास न करें
- यह पता कर लिया जाएं कि एंजेसी रजिस्टर्ड़ है या नहीं
- बिना रजिस्टर्ड़ एंजेसियों से लेन-देन से बचा जाए
- यदि जालसाजी का खतरा है तो पुलिस में करे शिकायत