उत्तराखंड: तीन तलाक मामले में हुई पहली गिरफ्तारी, हलाला को लेकर मजबूर कर रहा था पति
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बीवी को तलाक देने के बाद फिर से निकाह करने को हलाला का दबाव बनाने वाले फरार शौहर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। हलाला मामले में उत्तराखंड में यह पहली गिरफ्तारी है।
पुलिस के मुताबिक बीते 21 नवंबर को रबीना पुत्री नसीर अहमद निवासी बघौरी ने कोतवाली सितारगंज को सौंपी तहरीर दी थी। कहा कि उसका निकाह दो अक्तूबर 2016 को अतीक अहमद निवासी ड्यिड़ी थाना नानकमता के साथ हुआ था। आरोप है कि नौ अक्तूबर 2018 को मामूली बात पर अतीक अहमद ने उसे उसे तीन तलाक दे दिया। अब अतीक उसे फिर से निकाह करने के लिए हलाला का दबाव बना रहा है।
मुस्लिम विवाह संरक्षण अधिनियम 2018 की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया
पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुस्लिम विवाह संरक्षण अधिनियम 2018 की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज कर लिया था। तभी से आरोपी फरार चल रहा था। बृहस्पतिवार को एसआई सुरेंद्र सिंह को सूचना मिली कि आरोपी रतनपुर फुलैया के पास देखा गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष दौलत राम वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने भी आरोपी को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में मुस्लिम विवाह संरक्षण अधिनियम के तहत संभवत: यह पहली गिरफ्तारी है। पुलिस टीम में महिला कांस्टेबल गीता आर्या, रोहित गोस्वामी और अरविंद कुमार शामिल थे।