लालची बाप ने दलालों को बेच दी नाबालिग बेटी
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नाबालिग का 35 हजार रुपए में सौदा कर उसे शादी के लिए बदायूं ले जा रहे यूपी के छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
ह्यूमन ट्रैफिकिंग के इस मामले में लड़की के पिता और पोथिंग गांव के दो दलाल भी पकड़े गए हैं। सीजेएम की अदालत में पेशी के बाद सभी को 14 दिन की रिमांड पर अल्मोड़ा जेल भेज दिया गया है।
घटना कपकोट ब्लाक से करीब 22 किलोमीटर दूर जगथाना गांव की है।
नाबालिग को कुछ नहीं था मालूम
थानाध्यक्ष एसपी रायपा ने बताया कि रविवार देर शाम मानव तस्करी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अनर्सा-जगथाना रोड पर चेकिंग शुरू की गई।
जगथाना से आ रही जीप यूके 02 टीए 0828 को रोका गया तो उसमें नाबालिग के साथ नौ अन्य लोग सवार मिले। सभी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
पूछताछ में नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह पिता के साथ बदायूं जा रही है। इसके अलावा उसे कुछ मालूम नहीं है।
इसके बाद सख्ती पर लड़की के पिता राजेंद्र सिंह ने बताया कि बरेली, मुरादाबाद और बदायूं से छह लोग पोथिंग गांव के प्रकाश जोशी और घनश्याम जोशी के साथ उसके घर आए थे।
35 हजार रुपए देने की बात हुई थी तय
प्रकाश और घनश्याम ने मध्यस्थता करते हुए उसे बेटी की शादी का लालच दिया। साथ में 35 हजार रुपए देने की बात तय हुई।
अपनी गरीबी के कारण उसने हां कर दी और सोमवार को बेटी को पहुंचाने के लिए बदायूं जा रहा था।
थानाध्यक्ष ने बताया कि मानव तस्करी के मामले में आंवला बरेली के रणबीर सिंह (33), अवनीश कुमार (40), फूल सिंह (55), अनिल कुमार सिंह (26), बदायूं निवासी गोपाल सिंह (34), मुरादाबाद निवासी मुनेंद्र सिंह (34) के अलावा लड़की के पिता और पोथिंग के दोनों दलालों को गिरफ्तार किया गया है।
न्यायालय में पेशी के बाद भेजा जेल
यूपी से आए लोग आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। सभी को आईपीसी की धारा 370ए के तहत सोमवार को न्यायालय में पेशी के बाद जेल दिया गया।
थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच रीमा चौकी के प्रभारी जगदीश ढकरियाल कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि मानव तस्करी का नेटवर्क कहां तक फैला है।
इधर, पुलिस अधीक्षक एनएस नपलच्याल ने मामले का खुलासा करने पर टीम को बधाई दी है।
34 साल के युवक से थी शादी कराने की योजना
थानाध्यक्ष एसपी रायपा ने बताया कि तस्कर 14 वर्षीय नाबालिग का विवाह बदायूं के 34 वर्षीय गोपाल सिंह नामक युवक के साथ करने वाले थे।
वह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। उन्होंने बताया कि लड़की का पिता मूल रूप से पोथिंग गांव का रहने वाला है। वह जगथाना गांव में घरजवांई के रूप में रहता है।
10 हजार दिए थे एडवांस
35 हजार रुपए में सौदा तय होने के बाद 10 हजार रुपए एडवांस में दिए गए थे। इसमें से पांच हजार लड़की के पिता को मिले और पांच हजार दलालों को।
रीमा चौकी प्रभारी जगदीश ढकरियाल ने बताया कि लड़की के पिता और दलाल को बागेश्वर तक आना था। शेष 25 हजार रुपए उन्हें बागेश्वर में दिए जाने की बात तय हुई थी।
उन्होंने बताया कि अदालत से रिमांड मिलने के बाद आरोपियों से कई और राज खुलने की संभावना है।