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सौतेले बाप ने पार की क्रूरता की सारी हदें

Mon, 23 Dec 2013 09:41 AM IST
अमर उजाला, रुड़की/झबरेड़ा
अमर उजाला, रुड़की/झबरेड़ा Updated Mon, 23 Dec 2013 09:41 AM IST
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father killed his children

रुड़की में बेरहम सौतेले बाप की करतूत ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। औलाद के रूप में बच्चों को अपनाने वाले अरविंद ने अपने हाथों से मासूमों को मौत के मुंह में धकेल दिया।

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आंचल उर्फ मानसी तो खुदकिस्मत रही कि बच गई लेकिन उसकी छोटी बहन स्मृति और भाई हिमांशु का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने सख्ती की तो आरोपी ने सिलसिलेवार पूरी दास्तां बयां कर दी।
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गोताखोरों की मदद से बच्चों को बरामद करने का प्रयास
पुलिस ने रविवार को नहर में फेंके गए दोनों बच्चों को गोताखोरों की मदद से बरामद करने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। तीसरे प्रहर पुलिस ने अरविंद को गिरफ्तार दर्शाकर जेल भेज दिया।
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पहले महिला के प्रेम में उसे तीन बच्चों के साथ स्वीकार करने और फिर बच्चों से पीछा छुड़ाने की  दिल दहला देने वाली दास्तां की तस्वीर पूरी साफ हो गई है। घटना 11 दिसंबर शाम की है।

अरविंद अपनी पत्नी कुसुम को यह कहकर कि तीनों बच्चों आंचल उर्फ मानसी(8), स्मृति (5) और हिमांशु (4) को हरिद्वार हॉस्टल में छोड़ने जा रहा है, बाइक पर उन्हें घर से लेकर चला था।

रास्ते में सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस के पास स्मृति और हिमांशु को बाइक पर ही छोड़कर बहाने से आंचल को 30 फुट गहरे कुए के पास ले गया और मानसी को कुए में धक्का दे दिया। काफी देर तक कोई हरकत नहीं होने पर अरविंद उसे मरा मानकर वापस आ गया।

दोनों मासूमों को नहर में धक्का दे दिया
छोटे भाई-बहन ने मानसी के बारे में पूछा तो उसने उसके आगे आने की बात कही। इसके बाद दोनों मासूमों को भी ले गया और नहर में धक्का दे दिया।

अपनी तरफ से तीनों बच्चों को मौत की नींद सुलाने के बाद घर पहुंचे अरविंद ने बीवी कुसुम को उन्हें हॉस्टल भेजने की मनगढंत कहानी सुनाई। इस बीच आंचल उर्फ मानसी को कुछ लोगों ने कुए से बाहर निकालकर बचा लिया।

शनिवार को हिरासत में आया आरोपी अरविंद पुलिस को गुमराह करता रहा। देर रात भगवानपुर और झबरेड़ा पुलिस ने सख्ती बरती तो वह टूट गया।

एसओ नरेश चौहान और जवाहरलाल रविवार को आरोपी अरविंद को पहले उस कुए पर ले गए, जहां मानसी को फेंका गया था। बाद में उसकी निशानदेही पर गोताखोरों की मदद से स्मृति और हिमांशु की बरामदगी के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।

आरोपी का पूरा परिवार फरार
अरविंद का पूरा परिवार गांव कोटवाल आलमपुर से पलायन कर गया है। आर्थिक रुप से संपन्न अपने तीन भाइयों में वह दूसरे नंबर का है। करीब पांच साल से वह घर से अलग रहता है।

अरविंद की कातिलाना अंदाज का पता लगने के बाद से पूरा परिवार ताला लगाकर कहीं चला गया है। गांव में उसके अलावा दो अरविंद और हैं। इस अरविंद पर तो किसी को शक भी नहीं था। उसका चेहरा बेनकाब हुआ तो हर कोई दंग रह गया।

रिश्ते से नाराज था पहला पति
बीवी कुसुम और अरविंद का मेल-जोल ही पौड़ी के मुकेश की जिदंगी में तूफान बनकर आया था। भगवानपुर क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम करते समय मुकेश परिवार के साथ कोटवाल आलमपुर में अरविंद के एक पारिवारिक सदस्य के घर में किराए पर रहता था।

यहीं से अरविंद और कुसुम के बीच रिश्ते बने। मुकेश का कई बार अरविंद और पत्नी से विवाद भी हुआ। अचानक मुकेश गायब हुआ और आज तक लौटकर नहीं आया। हैरत की बात यह है कि मुकेश के गायब होने की गुमशुदगी तक नहीं दर्ज कराई गई।


रिमांड पर लेगी पुलिस
भाई-बहन के कातिल सौतेले पिता अरविंद को जेल भेज दिया गया है। जल्द रिमांड पर लेकर आरोपी की निशानदेही पर बच्चों के शव बरामद करने के प्रयास किए जाएंगे। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- अजय सिंह, एसपी देहात

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