दोस्त की बीवी संग अवैध संबंध का खतरनाक अंजाम
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पत्नी से अवैध संबंधों के शक में सरेआम गोली मारकर अपने दोस्त की हत्या करने के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास और बीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड न देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार अफगान मोहल्ला, कीरतपुर, बिजनौर निवासी इशरत (35) गांधीग्राम में छोटे भाई अरशद के साथ किराये के कमरे में रहता था।
इशरत की पड़ोस में रहने वाले रवीश खां से दोस्ती थी। दोनों कारपेंटर का काम करते थे। रवीश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। इशरत का उसके घर काफी आना जाना था।
2010 का है मामला
षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश बृजेंद्र सिंह की अदालत में हुई सुनवाई में प्रकरण के एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी गवाह अरशद ने अदालत को बताया कि रवीश को शक था कि इशरत और उसकी पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं।
28 अगस्त 2010 रवीश ने उसके भाई इशरत को गांधीग्राम में कल्याण आश्रम के पास गोली मार दी। इशरत को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। बचाव पक्ष ने कहा कि इशरत की हत्या बुलेट गन से हुई,
जबकि आरोपी के पास 12 बोर का देशी तमंचे बरामद हुआ था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर ने बचाव पक्ष के तर्कों को खारिज करते हुए अभियुक्त को सजा सुनाई।
एक मामले में दोषमुक्त
पुलिस ने अरशद की उपस्थिति में रवीश से अवैध तमंचा, कारतूस बरामद किया था।
हालांकि, अभियोजन ने अभियुक्त के खिलाफ नियमानुसार 25 आयुध अधिनियम के तहत अभियोग चलाने के लिए डीएम से अनुमति नहीं ली। इसलिए अदालत ने रविश को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया।