बीमा के 60 लाख रुपये हड़पने के लिए पूर्व पति ने किया था एरोबिक टीचर का कत्ल
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सालभर पहले हुई एरोबिक टीचर की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके तलाकशुदा पति समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि उसने बीमे के 60 लाख रुपये हड़पने के लिए हत्या का तानाबाना बुना था। महिला की मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उस वक्त आरोपी ने महिला की मौत का कारण स्तन कैंसर बताया था, मगर बीमा कंपनी और पुलिस की जांच में यह बात सिद्ध नहीं हो पाई। पुलिस को महिला का शव तो बरामद नहीं हुआ था, लेकिन अब अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। सभी आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप कुमार राय ने बताया कि 23 जुलाई 2017 को नीतू उर्फ विधि निवासी टर्नर रोड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। विधि ने अपने पति आकाश ठक्कर से जनवरी 2017 में तलाक ले लिया था। बावजूद इसके दोनों साथ ही रहते थे। इसी बीच विधि की मौत हो गई, लेकिन आकाश ठक्कर ने इसकी जानकारी उसके परिजनों को नहीं दी थी। घटना के आठ माह बाद 30 मार्च 2018 को विधि की मां पुष्पा देवी निवासी रुड़की ने एसएसपी को शिकायत की और आकाश पर विधि की हत्या का आरोप लगाया।
शिकायत के आधार पर इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी व उनकी टीम इसकी जांच में जुट गई। दस्तावेजी जांच और करीबियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सोमवार शाम को आकाश ठक्कर व उसके पांच साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इन पांचों के नाम अंकुर वालियान निवासी नागल, अखिल निवासी कोतवाली सदर सहारनपुर, विक्की उर्फ विक्रांत निवासी दोराला, कपिल उर्फ कुलदीप निवासी खनोदा पल्लवपुर और राजेंद्र निवासी जनता कॉलोनी मोदीपुरम मेरठ हैं।
हत्या से तीन महीने पहले कराया था 60 लाख का बीमा
एसपी सिटी ने बताया कि आकाश और विधि के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा था। विधि की हत्या से तीन माह पूर्व ही आकाश ने उसका 60 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस कराया था, जिसका नोमिनी वह खुद था। वह विधि को मारकर यह रकम हथियाना चाहता था। इसके लिए उसने वेटनरी प्रैक्टिस करने वाले दोस्त अंकुर से बात की। अंकुर ने आकाश को कुछ नशीली दवाएं दी, जिसे वह विधि को खाने में मिलाकर देता रहा। इससे विधि की तबीयत खराब रहने लगी। 20 दिनों बाद ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां दोनों को लगा कि अब शायद वह मर जाएगी, लेकिन वह धीरे-धीरे ठीक होने लगी। इस पर आकाश ने अपने अन्य साथियों विक्की, कपिल और राजेंद्र के साथ मिलकर उसे ग्लूकोज के माध्यम से नशीले इंजेक्शन देने शुरू कर दिए। यही नहीं विधि को कई बार खाली इंजेक्शन भी लगाए गए। इसके बावजूद वह नहीं मरी तो सभी आरोपियों ने मिलकर अस्पताल में सांस रोककर विधि की हत्या कर दी।
बीमा कंपनी को भी हुआ शक
दरअसल, आकाश ने विधि की मौत के कुछ दिन बाद ही क्लेम के लिए अप्लाई कर दिया था। उसने बीमा कंपनी के पास एक फर्जी चिकित्सक की रिपोर्ट जमा कराई, जिसमें कहा गया था कि विधि की मौत स्तन कैंसर से हुई है। इसके बाद जब बीमा कंपनी के सर्वेयर मौके पर आए तो उन्हें आसपास की महिलाओं ने बताया कि ऐसी कोई बात उनके सामने नहीं आई है। यदि ऐसा होता तो स्तनों का ऑपरेशन किया जाता, मगर मौत के वक्त उसके दोनों स्तन बिल्कुल ठीक थे। इसके बाद उन्होंने चिकित्सक से भी संपर्क करना चाहा मगर उससे संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद पुलिस ने भी अपनी जांच में बीमा कंपनी के मुंबई स्थित मुख्यालय से सारे दस्तावेज जुटाए, जिसमें आकाश की ओर से दी गई सारी जानकारियां गलत निकलीं।
लालच में दिया सबसे आकाश का साथ
विधि की हत्या के लिए आकाश का साथ देने वाले पांचों लोगों ने भी अपने-अपने हिसाब से हिस्सा तय किया हुआ था। इनमें सबसे बड़ी रकम अखिल को 10 लाख रुपये दी जानी थी। आकाश ने उसे एक लाख रुपये दे भी दिए थे। जबकि, अंकुर को चार लाख रुपये मिलने थे। आकाश ने अंकुर को एक-एक लाख रुपये के चेक भी दिए थे। मगर ये कैश नहीं हो पाए। ऐसे में अंकुर ने आकाश के खिलाफ चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस को इस मुकदमे से भी काफी सहयोग मिला जिससे आकाश और उसके दोस्तों का राज खुला।