टिहरीः मंगेतर जोड़े की बेरहम हत्या से दहला पहाड़
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उत्तराखंड के नई टिहरी में एक मंगेतर जोड़े का शव संदिग्ध अवस्था में झाडियों के बीच पड़ा मिला। दोनों के परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए सीबीआई जांच की मांग उठाई है।
दोनों के मोबाइल पुलिस ने कब्जे में ले लिए है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल ही मौत का असल राज खोल सकते हैं। मौके से एक नुवान की शीशी भी बरामद हुई है। शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है।
रविवार सुबह भागीरथीपुरम के राजमाता इंटर कॉलेज के पास टीएचडीसी डी ब्लॉक कॉलोनी की सड़क पर सफाई कर्मी को एक बैग मिला। बैग में कुछ कपड़े रखे हुए थे। सफाई कर्मी ने टीएचडीसी कर्मियों को बैग की सूचना दी। लोग वहां पहुंचे तो वहां से करीब पांच मीटर नीचे दो शव एक साथ संदिग्ध अवस्था में पड़े हुए थे।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पहले तो शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई। बैग से मिली आईडी के आधार पर लड़के की शिनाख्त रमेश सिंह (25) पुत्र स्व. प्रेम सिंह ग्राम मरोड़ा सत्यो धनोल्टी और लड़की की रजनी चौहान (21) पुत्री त्रेपन सिंह चौहान निवासी ग्राम बुडोगी सारज्यूला के रूप में हुई।
मृतक चंडीगढ़ में होटल में कार्यरत था और मृतका पीजी कॉलेज नई टिहरी में बीए तृतीय वर्ष में पढ़ती थी। बाद में दोनों के परिजन घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि दोनों की एक साल पूर्व सगाई हुई थी और अगले वर्ष अप्रैल में शादी होनी तय थी।
दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। दोनों एक दूसरे से लिपटे हुए थे। दोनों की दाई ऑख नोची हुई थी। हाथ पर भी चोट के निशान थे। मोबाइल वहीं पड़े हुए थे। मृतका के पिता त्रेपन सिंह ने बताया कि शनिवार को बेटी रजनी घर से कॉलेज गई हुई थी। शाम को जब वह नहीं लौटी तो उन्होंने रजनी की सहेली से जानकारी ली।
सहेली ने बताया कि रजनी का मंगेतर रमेश उसे मिलने आया हुआ है। उसके बाद त्रेपन सिंह ने दोनों के मोबाइल पर कई बार फोन किया लेकिन दोनों ने फोन नहीं उठाया। रात 11 से दोनों के फोन नॉट रिचेबल हो गए थे। मृतक रमेश ने चड़ीगढ़ से टिहरी आने की सूचना न तो अपने घर पर दी और न ही ससुराल पक्ष को।
मृतक रमेश के मौसा मंज्यूड गांव निवासी कलम सिंह नेगी का कहना है कि उन्हें भी दोनों की हत्या होने की आशंका है। डाक्टरों की टीम घनसाली में हुई वाहन दुर्घटना के मृतकों का पोस्टमार्टम करने गई हुई है। जिस कारण मृतक मंगेतर जोड़े का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
पूरे मामले में रवि है संदिग्ध
शनिवार की शाम 4.32 पर मृतका के पिता त्रेपन सिंह के मोबाइल पर रमेश के मोबाइल से एक मैसेज आया। जिसमें लिखा था कि रवि ने रजनी को गलत काम सिखाया है। इसलिए रवि को मार दो।
त्रेपन सिंह यह मैसेज समझ नहीं पाया और उन्होंने दिल्ली में अपने साले को यह मैसेज फॉरवर्ड कर दिया। दोनों परिवारों के समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर यह रवि कौन है। पुलिस ही अब यह गुत्थी सुलझा सकती है।
अप्रैल में दोनों की शादी होनी वाली थी। ऐसे में दोनों की संदिग्ध मौत लोगों की गले नहीं उतर पा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब दोनों परिवारों के बीच सबकुछ ठीक था तो उन्हें किसने मौत के घाट उतारा है। जिस स्थिति में दोनों शव एक दूसरे पर लिपटे हुए थे।
उसे देखकर यही प्रतीत हो रहा है कि उन्हें मौत के घाट उतार कर वहां झाडियों में फैंका गया। घटना स्थल पर झाडियां आसपास टूटी हुई भी नहीं थी। रेलिंग से करीब पांच मीटर नीचे गिरने पर मृतक रमेश के सिर पर टोपी जस की तस पहनी हुई थी।
यदि वह जहर खाकर मौत को गले लगाते तो टोपी या तो गिर जाती अथवा मुड़ी हुई होती। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि दोनों की कहीं दूसरी जगह हत्या कर रातोरात उन्हें वहां रखा गया।
घटना स्थल पर नुआन की शीशी मिली है। दोनों के मुंह से झाग भी निकल रहा था। प्रथम दृष्टि यही प्रतीत हो रहा है कि दोनों ने नुवान गटक कर आमहत्या की है। हालांकि सही स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चलेगा। उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। दोनों परिवारों ने हत्या के संबंध में कोई तहरीर नहीं दी है।
- मुख्तार मोहसिन, पुलिस अधीक्षक टिहरी