{"_id":"16c62a7a4525abae1cc40f084d02b2fc","slug":"doctor-selling-drugs-capsules","type":"story","status":"publish","title_hn":" नशीले कैप्सूल बेचने के लिए बने डॉक्टर ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नशीले कैप्सूल बेचने के लिए बने डॉक्टर
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 01 Nov 2013 07:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नशीले कैप्सूल बेचने के लिए इस्लाम और असलम ने नया आइडिया इजाद किया। दोनों के कारनामे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। उत्तराखंड के देहरादून में पकड़े गए दो भाईयों से पूछताछ में इस्लाम और असलम से पूछताछ में पुलिस कर्मी भी चकरा गए।
विज्ञापन
दोनों को नशीले कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया है। एक भाई फर्जी डॉक्टर बनकर कई साल से विकासनगर में क्लीनिक भी चला रहा था। नशीले कैप्सूल को वह शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बिचौलिए के जरिए पहुंचाते थे।
विज्ञापन
दोनों को भेजा जेल
पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। एसएसपी केवल खुराना ने टीम को ढाई हजार रुपए इनाम दिया है।शुक्रवार सुबह राजपुर पुलिस ने मसूरी डायवर्जन पर बिना नंबर की बाइक पर सवार दो युवकों को रोका।
विज्ञापन
बाइक की टंकी में 80 डिब्बों में बेक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइट, डेक्सस्ट्रापॉक्सीफिप और एसिटामिनोफेन के 6400 कैप्सूल मिले। बरामद कैप्सूल की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। युवकों के पास दवा बेचने का लाइसेंस भी नहीं था। उनकी पहचान इस्लाम और असलम पुत्र शमशेर निवासी सहसपुर के रूप में हुई।
मरहम पट्टी की आड़ में बेचता था नशा
इस्लाम मरहम, पट्टी, बुखार और छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज की आड़ में लोगों को नशीले कैप्सूल का ग्राहक बनाता था। ये कैप्सूल उन्होंने विकासनगर स्थित साईं मेडिकल स्टोर से खरीदे थे। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक को भी गिरफ्तार किया जाएगा। लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए सीएमओ को लिखा जा रहा है।