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तीन घंटे के प्यार, तकरार और कत्ल का सनसनीखेज सच

Tue, 23 Jun 2015 04:37 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 23 Jun 2015 04:37 PM IST
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dehradun shalu murder case.

देहरादून की पाम सिटी में शालू के साथ प्यार, तकरार और कत्ल का किस्सा पूरे तीन घंटे का है। करीब पौने दो घंटे तक ड्राइंग रूम में उनमें बातचीत हुई फिर बाहर आकर तकरार हो गई।

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इसी बीच हाथ चले और चीखों के साथ शालू मौत की नींद सो गई। हैरत की बात यह है कि इतने लंबे समय तक तकरार, मारपीट और चीख पुकार का न तो शालू के परिजनों को पता चला और न ही पड़ोसियों को भनक लगी। कॉलोनी का सुरक्षा गार्ड भी उधर जाने की जहमत नहीं उठाई।
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पॉश इलाके पाम सिटी में प्रापर्टी डीलर केके अरोड़ा की उत्तर दिशा में तीन मंजिला कोठी के सामने पार्क है। पश्चिम दिशा में खाली प्लाट होने के साथ पूरब दिशा में ड्राइंग रूम का छोटा गेट है। इस तरफ तीन फुट की गैलरी है।
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बराबर की कोठी को अरोड़ा ने कुछ समय पहले बेच दिया था। रात एक बजे शालू को आखिरी बार उसकी मौसी का लड़का आशीष देखकर गया था। पुलिस की मानें तो डेढ़ बजे के करीब रवि गैलरी की तरफ से छोटा दरवाजा खुलवाकर ड्राइंग रूम में आया। करीब पौने दो घंटे तक शालू और रवि के बीच बातचीत होती रही।

इसी दौरान उसके दोस्त प्रताप और सुनील बाहर बैठे रहे। बाद में दोनों तकरार करते हुए ड्राइंग रूम से निकल कर गैलरी में आ गए। रवि ने माता-पिता को लेकर अभद्रता की तो शालू ने उसे एक थप्पड़ मार दिया। हाथापाई के दौरान शालू नीचे गिर गई और रवि ने उसका सिर पकड़कर पटक दिया।

चीख के बीच तमंचे की बट भी शालू के सिर पर मारी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ओम सिटी कालोनी से निकल गए। तीन घंटे चले कत्ल के इस किस्से की किसी की भनक नहीं लगी।

जबकि यह मर्डर घर के बाहरी हिस्से में हुआ, जहां से रात के सन्नाटे में चीखें दूर तक गईं होंगी। पुलिस ने आसपास के लोगों से इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश की, लेकिन हर किसी ने न में जवाब दिया।

पैदल आए और पैदल ही गए

हत्यारोपियों ने पाम सिटी आने और जाने का सफर पैदल तय किया। जीएमएस रोड स्थित होटल से रवि दो साथियों के साथ पैदल पाम सिटी पहुंचा था। वारदात को अंजाम देने के बाद पैदल ही लाल पुल तक गए, वहां से टैंपू से आईएसबीटी पहुंचे। इसके बाद बस से सहारनपुर चले गए। बातचीत में रवि ने किसी तरह का वाहन होने से इनकार किया।

रवि की करतूतों की अनदेखी पड़ी भारी

dehradun shalu murder case.

शालू और उसके परिजन जुर्म की आहट नहीं सुन पाए। रवि ने एक नहीं, कई बार अपनी करतूतों से परिवार को चौंकाया था। लेकिन इस तरफ किसी ने गौर नहीं किया। शालू भी खुद को रवि से अलग नहीं कर पाई। प्रापर्टी डीलर केके अरोड़ा को छोड़कर उनकी पत्नी लक्ष्मी और बेटियों से रवि की गतिविधियां छिपी नहीं थीं।

हरियाणा का यह छोरा प्रेम में पगला सा गया था। शालू को पाने के लिए उसने खुदकुशी का नाटक कर उसकी वीडियो बनाकर शालू की बहन को भेजी थी। इंस्पेक्टर पटेलनगर पंकज गैरोला की मानें तो शालू की छोटी बहन शालिनी ने यह बात मां लक्ष्मी को बताई तो लक्ष्मी रवि की शिकायत लेकर उसके भाई के पास गई थी।

इसके बाद रवि के भाई ने उसे घर से निकाल दिया। इतना सब कुछ होने के बाद भी शालू लगातार फेसबुक और व्हाट्स एप से रवि से जुड़ी रही। रवि उसके साथ जीने मरने की जिद पर अड़ा रहा। किसी ने रवि के जुनून को गंभीरता से नहीं लिया। 19 जून की रात को भी रवि ने कोठी के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की थी। बावजूद इसके अगले दिन उसे फिर आने दिया गया। बेटी की हत्या के बाद परिवार के पास अब अफसोस करने के अलावा कुछ नहीं है।

दबंगई की चाह ने बनाया कातिल
शालू हत्याकांड के मुख्य आरोपी रवि राजपूत को परिजनों ने सुधरने की नसीहत देकर दून भेजा था। परिजनों ने करनाल के एक स्कूल में शिक्षक से हाथापाई के बाद यह कदम उठाया था। लेकिन दून आकर रवि की दबंगई को और पर लग गए। प्यार का जुनून ऐसा सवार हुआ कि अपनी कथित प्रेमिका के खून से हाथ रंग लिए।

शालू अरोड़ा की हत्या कर रवि राजूपत ने अपने परिवार को दिए जख्मों को और गहरा कर दिया है। छात्र जीवन से ही रवि का नाम मारपीट में सुर्खियों में रहा। उसने स्कूल में ही शिक्षक के साथ हाथापाई कर दी थी। जैसे-तैसे इंटर पास की तो पिता रिटायर फौजी रुप सिंह ने डेढ़ साल पहले रवि को दून में ठेकेदारी करने वाले साले के बेटे के पास इस उम्मीद में भेज दिया कि सुधर जाएगा।

पाम सिटी में रहते हुए वह प्रापर्टी डीलर केके अरोड़ा की बेटी शालू के करीब पहुंच गया। बात इतनी बढ़ी कि करीब साढ़े तीन माह पहले आत्महत्या की कोशिश के बाद मामा के लड़के ने भी कमरे से रवि को बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद वह करनाल और चंडीगढ़ घूमता रहा। लेकिन शालू के प्रति उसका जुनून कम नहीं हुआ।

19 जून को रवि दून पहुंचा था और जीएमएस रोड स्थित एक होटल में ठहरा था। अगली रात उसके हाथ खून से रंग गए। सोमवार को पटेलनगर थाने में आए रवि के परिजनों का कहना था कि यह कभी नहीं सोचा था कि वह सुधरने के बजाए कत्ल जैसा जुर्म कर देगा।

तमंचा लगाकर चलता था रवि
दबंगई में रवि तमंचा पास रखता था। पहला तमंचा खराब होने के कुछ माह पहले वह शामली से नया खरीद कर लाया था। अक्सर साथियों के बीच उसकी नुमाइश करता था। एक कालेज में हुए झगड़े में भी उसका नाम उछला था। शालू की हत्या के बाद पुलिस ने रवि के पास से तमंचा बरामद किया है।

लापरवाही पर पूरी चौकी बदली

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शालू हत्याकांड में संलिप्त आरोपियों के भाग जाने के बाद चेकिंग में लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी ने आसारोड़ी चौकी के पूरे स्टाफ को बदल दिया है। इनमें एक दारोगा समेत दस पुलिस कर्मी शामिल हैं। डीजीपी ने नौ घंटे में हत्यारोपियों को दबोचने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

वहीं, गिरफ्तार रवि राजपूत समेत तीनों आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पटेलनगर के पाम सिटी निवासी प्रापर्टी डीलर केके अरोड़ा की बेटी शालू अरोड़ा की शनिवार देर रात उसके कथित प्रेमी रवि राजूपत ने दो साथियों प्रताप और सुनील राणा के साथ मिलकर हत्या कर दी।

पुलिस ने नौ घंटे के प्रयासों के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। हत्याकांड के बाद पुलिस को चेकिंग के निर्देश दिए थे। आरोप है कि हत्या करने के बाद आरोपी तमंचा लेकर बस से आसारोड़ी चेकिंग प्वाइंट से निकल गए थे।

एसएसपी पुष्पक ज्योति ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में आसारोडी चौकी प्रभारी सुनील कुमार, सहायक उप निरीक्षक बिजेंद्र बलूनी, कांस्टेबल कानी राकेश, संदीप, चंद्रमोहन, गब्बर, अमित, राम कृपाल एवं पोपन को हटा दिया है।

दस हजार रुपए का पुरस्कार
पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करने पर एसएसपी पुष्पक ज्योति और एसपी सिटी अजय सिंह की पीठ थपथपाते हुए पुलिस टीम में शामिल इंस्पेक्टर पंकज गैरोला, सहसपुर एसओ यशपाल सिंह बिष्ट, प्रेमनगर एसओ रवि सैनी, एसएसआई नत्थी लाल उनियाल, नरोत्तम बिष्ट, विक्रम सिंह रावत, मनोज नैनवाल, अनिल, संदीप, हितेश कुमार, सहदेव त्यागी और आशीष राठी को 10 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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