'SSP साहब, पुलिसवालों ने किया मेरा रेप'
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देहरादून की नालापानी चौकी में पुलिसकर्मियों द्वारा बलात्कार के आरोप पर पूरे महकमे में हड़कंप मच गया।
एक महिला ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर लिखित में यह शिकायत की थी। लेकिन, पुलिस ने मेडिकल जांच का दबाव बनाया तो वह अपने आरोप से पलट गई।
महिला ने इस फजीहत का ठीकरा अपने कानूनी सलाहकार के सिर ठीकरा फोड़ा। बाद में पुलिस ने महिला के बदले बयानों को लिखापढ़ी में लेकर राहत की सांस ली।
दहशत के कारण नहीं कर पाई शिकायत
डीएल रोड की इस महिला के कानूनी सलाहकार ने बुधवार को मीडिया कर्मियों को एसएसपी ऑफिस बुलाया था।
पीड़िता ने एसएसपी के नाम दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि नालापानी चौकी प्रभारी और एक सिपाही काफी समय से उसका यौन उत्पीड़न कर रहे हैं।
यह लोग पति को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उसे आतंकित कर रहे थे। दहशत के कारण वह शिकायत नहीं कर पा रही थी।
पति को उठाकर ले गए पुलिसकर्मी
आरोप लगाया कि 9 मई को फिर चौकी बुलाकर उसके साथ रेप किया गया। इसकी शिकायत 10 जून को उसके पति ने पुलिस से की थी।
इस पर बुधवार को तीन अन्य पुलिसकर्मी घर आकर उसके पति को उठाकर ले गए। महिला के आरोपों की खबर मिलते ही डालनवाला कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी एसएसपी ऑफिस पहुंचे।
वह महिला की डॉक्टरी जांच कराने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को साथ लाए थे। रेप के आरोप का पता लगते ही एसएसपी अजय रौतेला ने पूरे मामले की जानकारी ली।
मेडिकल के डर अपने बयान से पलटी
कप्तान ने बताया कि पीड़िता डॉक्टरी कराने के नाम पर अपने बयान से पलट गई। उसका कहना था कि उन्हें नहीं मालूम है कि तहरीर में क्या लिखा है।
कानूनी सलाहकार ने पूरी भाषा लिखकर उनके हस्ताक्षर कराए थे। उन्होंने बताया कि पीड़िता ने यह बात लिखित रूप में दी है।
एसएसपी ने बताया कि चोरी की शिकायत पर पुलिस उसके पति को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। इसीलिए यह पूरा ड्रामा किया गया।