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दून में साइबर अटैक के मास्टर माइंड ने बताया किस तरह फैलाया था पूरा जाल, जानकर पुलिस भी चौंक गई

Wed, 23 Aug 2017 11:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 23 Aug 2017 11:33 PM IST
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dehradun atm cloning mastermind told truth to police

हाल ही में  देहरादून में हुई सबसे बड़ी एटीएम क्लोन‌िंग के मास्टरमाइंड रामबीर को लेकर पुल‌िस दून पहुंची। इस दौरान उसने सारा सच उगल द‌िया। उसने ऐसे-ऐसे खुलासे क‌िए क‌ि जानकर पुल‌िस भी चौंक गई।

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कैमरा और स्कीमर (डाटा कापी करने की डिवाइस) से एटीएम कार्ड का डाटा चोरी कर दून के सैकड़ों बैंक खातों में सेंधमारी करने वाले साइबर क्रिमिनल्स को लेकर एसटीएफ की टीम बुधवार देर शाम देहरादून आ गई।
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साइबर क्रिमिनल्स गिरोह के सरगना रामबीर समेत तीन आरोपियों को एसटीएफ ने सोमवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया था। बुधवार रात आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद बृहस्पतिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। गिरोह की एक महिला आरोपी को दून पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

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इस तरह फैलाया जाल

dehradun atm cloning mastermind told truth to police

बदमाशों ने बताया कि पहली बार 30 जून को रोहतक से सुनील की कार से देहरादून आए। देर रात होने से रास्ते में रुक गए। एक जुलाई को देहरादून पहुंचे और दिनभर भीड़भाड़ वाले एटीएम ढूंढते रहे, जहां गार्ड मौजूद न हों।

सरगना रामबीर ने बताया कि धर्मपुर चौक, मोथरोवाला जाने वाले तिराहे स्थित एसबीआई का एटीएम चिह्नित करने के बाद मसूरी रोड स्थित एक होटल में ठहरे। दो जुलाई को सुबह साढ़े छह बजे होटल से निकलकर चिह्नित एटीएम में स्कीमर और कैमरा लगा दिया।

आसपास के दो एटीएम (पीएनबी और एसबीआई) के की-पैड में फेवीक्विक डालकर उनको निष्क्रिय कर दिया, ताकि ग्राहक उस एटीएम में कैश निकालने जाएं, जहां उन्होंने स्कीमर और कैमरा लगाया है। दो जुलाई की शाम स्कीमर और कैमरा निकाल लिया। डेटा कॉपी करने के बाद वापस चले गए।

एसएसपी ने बताया कि एटीएम से अधिक डाटा नहीं मिला। लिहाजा वे सात जुलाई को दोबारा दून आए और मसूरी डायवर्जन स्थित एक होटल में ठहरे। आठ जुलाई की सुबह रेकी की और राजीव नगर पुल के पास स्थित एसबीआई के एटीएम में स्कीमर और कैमरा लगाया।

शाम को स्कीमर और कैमरा उतारकर रोहतक लौट गए। अगले दिन दिल्ली पहुंचे और प्रवीन की मदद से कॉपी डाटा की क्लोनिंग की। दिल्ली में 103 कार्ड की क्लोनिंग की गई। इसके बाद रामबीर की स्कॉर्पियो से जयपुर पहुंचे।

टौंक रोड स्थित अलग-अलग बैंकों के एटीएम से रुपये निकाले गए। रिद्धिम अग्रवाल के मुताबिक, वापस दिल्ली आकर वहां भी पैसे निकाले। दर्जनों खातों से कैश उड़ाने के बाद रोहतक चले गए। पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे। आखिरकार कोल्हापुर से दबोच लिए। 

यह था मामला

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14 और 15 जुलाई को देहरादून स्थित नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में दर्जनों बैंक ग्राहकों के खातों से जयपुर और दिल्ली में रकम निकालने की घटना से पुलिस में हड़कंप मच गया। पीड़ितों की संख्या बढ़ने पर पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर मामले की जांच के लिए स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमें गठित की गईं।

जांच में इसकी पुष्टि हुई साइबर क्रिमिनल्स ने एटीएम में स्कीमर और कैमरा लगाकर ग्राहकों के एटीएम कार्ड का डेटा चोरी करने के बाद कार्ड क्लोनिंग कर रकम उड़ाई है। अभी तक राजधानी के विभिन्न थानों में 97 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, जिनमें 36 लाख 39 हजार 965 रुपये उड़ाए गए।

एसटीएफ की एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल के मुताबिक, गिरोह के बदमाशों के हरियाणा के झज्जर निवासी होने की पुष्टि होने पर छापेमारी की गई। छापे की भनक लगने पर गिरोह का सरगना रामबीर उसके साथी जगमोहन और सुनील फरार हो गए। पुलिस ने 27 जुलाई को गिरोह में शामिल अनिल कुमारी निवासी मालरा, गोहना सोनीपत को गिरफ्तार कर लिया। अनिल कुमार रामबीर की दोस्त है। गिरोह के सरगना और उसके साथियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी गई।

डीआईजी पुष्पक ज्योति ने आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। उनकी गिरफ्तारी के लिए हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली में लगातार दबिशें दी गईं। गिरफ्तारी नहीं होने पर कुर्की नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की गई।

रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि फरार बदमाशों के महाराष्ट्र के कोल्हापुर में छिपे होने की सूचना मिली। अपर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के नेतृत्व में टीम कोल्हापुर भेजी गई। टीम ने 21 अगस्त को तीनों बदमाशों को कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया और बुधवार शाम तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर देहरादून पहुंची। 

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