कांग्रेसी नेता का ससुराल में हंगामा, पुलिस पर फायरिंग
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कांग्रेस के लक्सर नगर उपाध्यक्ष विकास चौधरी ने नशे में धुत्त होकर अपनी ससुराल में जमकर हंगामा किया। पहले ससुरालियों पर लाइसेंसी रिवाल्वर से कई राउंड फायर किए और फिर पुलिस पर भी फायरिंग की।
गनीमत रही कि किसी को गोली नहीं लगी। घर के खिड़की-दरवाजे भी तोड़ दिए। पुलिस ने ससुर समेत सात ससुरालियों को पिछले दरवाजे से बमुश्किल निकालकर पड़ोसी के घर पहुंचाया। चार घंटे की मशक्कत के बाद कांग्रेसी नेता को काबू किया गया।
उसके कब्जे से कई कारतूस और 26 खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
बताया गया कि उत्तराखंड में लक्सर के बालावाली रोड मोहल्ले निवासी नगर कांग्रेस के उपाध्यक्ष विकास चौधरी का तीन दिन पहले पत्नी से विवाद हो गया था। इस पर विकास के पिता बहू को शेखपुरी स्थित उसके मायके में छोड़ आए थे।
ससुर से कहासुनी पर ससुराल में फायरिंग
मंगलवार रात करीब 11 बजे विकास ने अपनी पत्नी के मोबाइल पर कॉल करने का प्रयास किया। संपर्क नहीं होने पर उसने अपने ससुर के मोबाइल पर फोन किया। ससुर से फोन पर गर्मागर्मी होने पर विकास अपना लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर ससुर के घर पहुंच गया।
आरोप है कि मुख्य गेट बंद होने कारण विकास दीवार फांदकर आंगन में पहुंच गया। गाली-गलौज कर उसने ससुर को बाहर निकलने के लिए कहा और ताबड़तोड़ कई फायर कर दिए। गोलियों की आवाज सुनकर ससुर ने छत के रास्ते के दरवाजे बंद कर लिए।
इसके बाद अपनी पत्नी, पुत्री समेत परिवार के सात सदस्यों को एक कमरे में इकट्ठा कर लिया और शोर मचा दिया। शोर सुनकर पड़ोस में रह रहे दुग्ध संघ के चेयरमैन रणबीर सिंह और अनिल चौधरी आदि भी उनके मकान के बाहर आ गए।
उन्होंने विकास को समझाने की कोशिश कि लेकिन वह नहीं माना। विकास ने फिर कई फायर कर दिए। प्रथम तल पर खिड़की के शीशे और दरवाजे भी तोड़ दिए। इस दौरान कांच लगने से वह खुद भी लहूलुहान हो गया।
पुलिस ने किसी तरह बचाई परिवार की जान
सूचना पर सीओ लोकजीत सिंह, कस्बा चौकी इंचार्ज डीएस रावत और एसआई शमशेर अली पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझाने की कोशिश की तो विकास ने पुलिसवालों पर भी फायर झोंकने शुरू कर दिया।
पुलिस ने लोगों की मदद से उसके सुसर और अन्य परिजनों को घर के पिछले दरवाजे से सुरक्षित निकालकर पड़ोसी के घर पहुंचाया। इसके बाद तकरीबन चार घंटे की मशक्कत के बाद विकास को काबू कर लिया गया।
कोतवाल जयदेव आर्य ने बताया कि विकास चौधरी के खिलाफ कस्बा चौकी इंचार्ज डीएस रावत और विकास के ससुर की ओर से की ओर से आतंक फैलाने और पुलिस टीम पर फायर झोंकने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रिवाल्वर जब्त, लाइसेंस होगा निरस्त
विकास का लाइसेंसी रिवाल्वर और कारतूस पुलिस ने कब्जे में लेकर जब्त कर लिए हैं। उसका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सीओ लोकजीत सिंह ने बताया कि लाइसेंस के निरस्तीकरण की संस्तुति रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
मरने मारने पर था आमादा
सीओ ने बताया कि विकास के सिर पर ऐसा जुनून सवार था कि वह किसी की सुनने के लिए तैयार नहीं था। बस मरने-मारने पर आमादा था। समझाने की बात की जाती तो वह फायर झोंक रहा था।
सीओ के मुताबिक, चौकी इंचार्ज ने उसे बातों में उलझाया और उन्होंने खुद व एसआई शमशेर सिंह ने मकान के पिछले दरवाजे से जाकर परिवार के लोगों को चुपचाप निकाला। उधर, विकास के ससुर के जानकारों द्वारा कंट्रोल रूम से लेकर डीजीपी तक को फोन कर घटनाक्रम की सूचना दी।
रामलीला के मंच पर भी किए थे फायर
कांग्रेस के नगर उपाध्यक्ष विकास चौधरी को इस बार श्री रामलीला कमेटी का अध्यक्ष चुना गया था। रामलीला कमेटी की कार्यकारिणी का चुनाव कस्बे के जिम्मेदार लोगों द्वारा किया जाता है। कमेटी अध्यक्ष चुने जाने के बाद से विकास चौधरी ने रामलीला के मंच पर भी कई बार हवाई फायरिंग किए थे। मंगलवार रात की घटना ने सभी को हैरत में डाल दिया है।