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बच्चाचोर गिरोह का भंडाफोड़, व्हाट्स ऐप पर करते थे सौदा

Sat, 06 Sep 2014 04:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sat, 06 Sep 2014 04:36 PM IST
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child thief arrested with theft child haridwar.

हरिद्वार में बच्चे चुराकर संपन्न नि:संतान दंपतियों को बेचने वाले गिरोह की महिला सरगना समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी निशानदेही पर बेचे गए छह बच्चे भी बरामद किए गए हैं। इनमें से चार हरिद्वार से व दो बच्चे अन्य राज्यों से चोरी किए गए थे। गिरोह ने कबूल किया कि इनके अलावा पांच बच्चे और चुराकर बेचे हैं, जिनकी बरामदगी के लिए टीम गठित कर दी गई।

एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि बरामद बच्चों में तीन हरिद्वार रेलवे स्टेशन से, एक सीसीआर टॉवर के पीछे से चोरी हुआ था। ये बच्चे महोबा, बुलंदशहर, अमरोहा और बिजनौर से यहां आए श्रद्धालुओं के हैं। दो अन्य बच्चों की अभी पहचान नहीं हो पायी है। इसके लिए थानों में फोटो भेजे गए हैं।

गिरोह ने हरिद्वार के अलावा, रुड़की, सहारनपुर, लक्सर, कलियर मेला, सिंगरी मेला मुजफ्फरनगर, जम्मू, मोदीनगर से बच्चे चोरी किए थे। ये लोग केवल बेटा ही चुराते थे।

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गरीब श्रद्धालुओं के बेटों को करेते थे चोरी

child thief arrested with theft child haridwar.

सरगना रेखा और उसका पति कृष्णवीर मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर के रहने वाले हैं। इनके साथ जगमोहन पुत्र धनीराम निवासी केशवपुरी बस्ती, डोईवाला देहरादून और बलविंद्र सिंह पुत्र जोगेंद्र सिंह निवासी प्रहलादपुरी, थाना फरखपुर, यमुनानगर हरियाणा को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार बच्चाचोर गिरोह दूर से आने वाले गरीब श्रद्धालुओं को टारगेट बनाता था। इसके लिए ये लोग रेलवे स्टेशन व अन्य भीड़भाड़ वाले स्थान चुनते थे। जिन परिवारों के पास बेटा होता था, उनके निकट ये अपना जाल बिछाते थे।

गिरोह के सरगना रेखा व कृष्णवीर ने बताया कि दंपति होने के कारण उन पर कोई शक भी नहीं करता था। वह शिकार होने वाले परिवार के आसपास बैठकर खाना आदि खाकर सोने का नाटक करते थे और जैसे ही मौका लगता बच्चा लेकर फरार हो जाते थे।

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व्हाट्सएप से भेजते थे बच्चे का फोटो

child thief arrested with theft child haridwar.

यह गिरोह नि:संतान दंपति को शपथ पत्र के साथ गोद देने की सभी कानूनी प्रक्रिया कर बच्चा बेचता था। खरीददार के सामने ये बच्चे के माता-पिता होने का नाटक करते थे और गरीबी के कारण मजबूरी जताते थे।  पहले ये लोग व्हाट्सएप के माध्यम से बच्चे का फोटो भेजते थे। सौदा पक्का हो जाने पर दो से पांच लाख तक वसूलते थे।

खूबसूरती और तंदुरुस्ती पर कीमत
एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि चोरी किए हुए बच्चों को खूबसूरती और तंदुरुस्ती के आधार पर बेचा जाता था। बच्चा जितना खूबसूरत होता था उसकी कीमत उतनी ही अधिक मिलती थी। गिरोह दो लाख से लेकर पांच लाख रुपये में बच्चे को बेचता था।

दिल्ली, हरियाणा, ऋषिकेश में मिले बच्चे
पुलिस ने बताया कि गिरोह के द्वारा चोरी किए गए बच्चे संपन्न परिवारों के घरों के पालनों में खेलते मिले। जिसमें एक बच्चा बिलासपुर यमुनानगर में मिला। दूसरा बच्चा अम्बाला से, तीसरा बच्चा पाहवा करनाल से 40 किमी दूरी पर एक गांव में, तीसरा उत्तमनगर दिल्ली में, चौथा ऋषिकेश में, पांचवा मुरादाबाद में और एक बच्चा अभी उनके पास ही था।

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बरामद बच्चों की हुई पहचान

child thief arrested with theft child haridwar.

जुड़वा था बच्चा
पहला बच्चा (4 माह ) हरिद्वार रेलवे स्टेशन से 3 सितंबर 2014 को चोरी हुआ था। जो बबलू पुत्र बलदेव प्रसाद निवासी मझलवारा, महोबा यूपी का था। दंपति अपने भाई-भाभी के साथ  मजदूरी करने को हरिद्वार आया था। वे रात में स्टेशन पर सोए थे। सुबह चार बजे उठे तो उनके जुड़वा बच्चों में से एक चोरी हो चुका था।

लाए थे मुंडन कराने
रेलवे स्टेशन से ही दूसरा बच्चा एक जून 2014 को चोरी हुआ। सुनील कुमार पुत्र धर्मवरी निवासी रामगढ़, बुलंदशहर अपनी पत्नी पूजा एवं सात माह केआरव को लेकर मुंडन संस्कार को आए थे। ट्रेन के इंतजार में वह प्लेटफार्म पर सो गए। रात में नीद खुली तो आरव चोरी हो चुका था।

सोते में बच्चा चोरी
रेलवे स्टेशन पर तीसरे बच्चे चोरी होने की घटना इसी साल 23 जुलाई को हुई। धर्मपाल पुत्र हरवंश निवासी  काकाठेर, गजरौला परिवार के साथ आया था। सभी रात में स्टेशन पर सोए हुए थे। नींद खुली तो आठ महीने का कौशिंद्र चोरी हो चुका था।

हर की पैड़ी से किया था चोरी
बच्चा चोरी की चौथी घटना दो जुलाई 2014 को सीसीआर टॉवर के पीछे हरकी पैड़ी से हुई। मुरली सैनी पुत्र मक्खन निवासी चंदनपुरा गामड़ी, बिजनौर अपने छह महीने के बच्चे सौरभ को मुंडन संस्कार के लिए लाए थे। वह रात में सीसीआर के पीछे सो गए, सुबह करीब तीन बजे उठे तो बच्चा चोरी हो चुका था।

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