व्यापारी ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बताई वजह
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उत्तराखंड के गुप्तकाशी बाजार के एक प्रतिष्ठित व्यापारी ने विषैला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। खुदकुशी का कारण केदारनाथ आपदा के बाद उचित मुआवजा न मिलना और लोगों द्वारा उसका उधार वापस न किया जाना बताया जा रहा है। व्यापारी ने इस संबंध में तीन पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है।
मूल रूप से ब्यूंग गांव निवासी व्यापारी ओमप्रकाश उनियाल (40 वर्ष) पुत्र दयाराम उनियाल शुक्रवार रात बाजार में स्थित एक लॉज में रुका था। ओम प्रकाश की गुप्तकाशी में दुकान है।
शनिवार सुबह दस बजे जब लॉज कर्मचारी व्यापारी के कमरे के बाहर पहुंचे तो उन्हें दरवाजा हल्का खुला मिला। भीतर बिस्तर पर ओमप्रकाश का शव पड़ा था। उसके मुंह से झाग निकला हुआ था और शरीर नीला पड़ा हुआ था।
मुआवजा राशि में बंदरबांट
सुबह जब लॉज कर्मचारी व्यापारी के कमरे के बाहर पहुंचे तो उन्हें दरवाजा हल्का खुला मिला। भीतर बिस्तर पर ओमप्रकाश का शव पड़ा था। उसके मुंह से झाग निकला हुआ था और शरीर नीला पड़ा हुआ था।
लॉज कर्मचारियों ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। चौकी प्रभारी बलवंत सिंह पंवार मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। सीओ स्वतंत्र कुमार भी पहुंचे। पुलिस को मौके से तीन पेज का सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें केदारनाथ आपदा प्रभावितों की मुआवजा राशि में बंदरबांट की बात लिखी है।
नोट में व्यापारी ने एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती के साथ क्षेत्र के लोगों के नाम लिखते हुए कर्ज न लौटाने की बात लिखी है। सुसाइड नोट में मृतक व्यापारी ने कर्ज से परेशान होने की भी बात का जिक्र किया है। पुलिस का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामला खुदकुशी का लग रहा है, लेकिन असलियत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।