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अपहृत व्यापारी का 3 माह बाद कंकाल मिला
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 01 Nov 2013 08:34 PM IST
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राजधानी देहरादून में तीन महीने पूर्व अपहरण किए गए व्यापारी का पुलिस ने कंकाल बरामद कर लिया है। जानकारी मिलने पर परिजन बेहोश हो गए। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, एक आरोपी अंबाला में सरेंडर कर चुका है।
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एसएसपी ने किया खुलासा
गिरफ्तार आरोपी को दून लाया जा रहा है। शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि हरिपुरकलां रायवाला में मोबाइल की दुकान चलाने वाले संजीव कुमार उर्फ बंटी पुत्र प्रेम सिंह निवासी गांव मनोहरा तितरो सहारनपुर के अपहरण की सूचना उसके भाई प्रवीण कुमार ने 16 अगस्त 2013 को रायवाला थाने में दर्ज कराई थी।
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एसओजी और रायवाला पुलिस को जांच में संजीव के पुराने दोस्त रिजवान पुत्र सलमानी निवासी चाह मंझली ननौता सहारनपुर की जानकारी मिली।
सर्विलांस से लगा पता
रिजवान ने बताया था कि घटना के दिन उसने संजीव को बाइक से हरिपुर कलां के मुख्य मार्ग तक छोड़ा था, लेकिन मोबाइल सर्विलांस से पता चला कि दोनों की आखिरी लोकेशन एक ही थी। बाद में वह अपना सिम अपने चचेरे भाई लियाकत सलमानी के फोन पर चला रहा था।
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जांच आगे बढ़ी तो आशु पुत्र रामकुमार और वासु पुत्र दिनेश चंद्र भट्ट दोनों निवासी हरिपुर कलां का पता चला। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों को पकड़ लिया।
जन्मदिन के बहाने बुलाया
पूछताछ में उन्होंने बताया कि दुकान के विवाद में रिजवान संजीव से नाराज था। उसने बधोली, नारायणगढ़, अंबाला निवासी गौरव को यह कहकर भड़काया कि संजीव उसकी किसी रिश्तेदार पर गलत नजर रखता है।
16 अगस्त को चारों गौरव के जन्मदिन की पार्टी के बहाने संजीव को ले गए और हत्या के बाद चीला के जंगल में शव फेंक दिया। आशु और वासु ने बताया कि गौरव ने एक महीने पहले अंबाला में अपहरण के एक मामले में सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर चीला के जंगल से संजीव का कंकाल बरामद कर लिया।
रिजवान की हो चुकी मौत
संजीव का हत्यारोपी रिजवान की 26 अगस्त को हरिपुर कलां स्थित हिमालयन कालोनी के पीछे ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस की पूछताछ के बाद से वह परेशान था।
फरार बदमाशों ने उसे मुंह न खोलने की धमकी दी थी। पुलिस इसे खुदकुशी मान रही है। हालांकि, यह भी आशंका है कि राज खुलने के डर से उसकी हत्या कर दी गई हो।
ट्रेन से कटकर हुई मौत
संजीव का हत्यारोपी रिजवान की 26 अगस्त को हरिपुर कलां स्थित हिमालयन कालोनी के पीछे ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस की पूछताछ के बाद से वह परेशान था।
फरार बदमाशों ने उसे मुंह न खोलने की धमकी दी थी। पुलिस इसे खुदकुशी मान रही है। हालांकि, यह भी आशंका है कि राज खुलने के डर से उसकी हत्या कर दी गई हो।