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पेशी में गए कैदी ने डकैती को दिया अंजाम

Sun, 14 Sep 2014 02:45 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर) Updated Sun, 14 Sep 2014 02:45 PM IST
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bulandshahr robbery case

उत्तराखंड के बुलंदशहर में ज्वैलर्स की दुकान में हुई डकैती के मामले में हल्द्वानी जेल में बंद बदमाश को पेशी के बाद हुई कोताही पर ऊधमसिंह नगर पुलिस के तीन जवानों को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है।

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डकैती में पेशी पर गया कैदी भी शामिल
इसके अलावा पुलिस लाइन के ड्यूटी इंचार्ज को ड्यूटी लगाने में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई है। संदेह है कि डकैती में पेशी पर हल्द्वानी से गया कैदी भी शामिल था।
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एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि सतीश उर्फ अनिल पुत्र महेंद्र सिंह निवासी गांव सदरपुर पो. सलेमपुर जिला बुलंदशहर वर्ष 2010 में बाजपुर में हुई डकैती मामले में हल्द्वानी जेल में बंद है। उसकी नौ और 11 सितंबर को अलीगढ़ और बुलंदशहर में पेशी थी।
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इसलिए पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल दीपक बिष्ट, पंकज कुमार और संजय भट्ट उसे पेशी के लिए आठ सितंबर को ले गए। नौ सितंबर को सतीश को अलीगढ़ न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद कांस्टेबलों को नियमानुसार आरोपी को किसी थाने में ले जाना था, लेकिन वे सतीश को कहीं और ले गए।

11 सितंबर को पेशी पर गए पुलिस कर्मियों ने सतीश को बुलंदशहर में न्यायालय में पेश कर 12 सितंबर को हल्द्वानी जेल में आमद कराई। इधर, 11 सितंबर की शाम 6:30 बजे बुलंदशहर में एक ज्वैलर्स की दुकान में डकैती हो गई। जांच में सीसीटीवी फुटेज देखने पर वहां की पुलिस ने तीन बदमाशों की शिनाख्त का दावा किया।

इसमें सतीश उर्फ अनिल के शामिल होने का भी शक जाहिर किया गया। एसएसपी ने बताया कि शक के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। तीनों कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुलिस लाइन के ड्यूटी इंचार्ज हरीश चंद्र को भी ड्यूटी लगाने पर लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया है।

उन्होंने बताया कि मामले की जांच एएसपी टीडी वैला को सौंपी गई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस बीच तीनों कांस्टेबल बदमाश सतीश को थाने में न ले जाकर कहां ले गए थे।

बंदी के घर पर ही रुके थे सिपाही
हल्द्वानी जेल से बंदी सतीश उर्फ अनिल को लेकर बुलंदशहर गए तीन पुलिसकर्मी दो दिन बंदी के घर पर ही रुके। वहीं उन्होंने खाना खाकर आराम भी किया, जबकि कैदी को नजदीकी थाने या चौकी में हवालात में रखना चाहिए था। सूत्रों के अनुसार 10 एवं 11 तारीख की रात तीनों पुलिसकर्मी और कैदी उसके घर पर ही रुके।

वहां पुलिसकर्मियों की खूब आवभगत की गई। इसी वजह से कैदी और पुलिसकर्मियों की लोकेशन बुलंदशहर आई, जिस पर पुलिस को उनके डकैती में शामिल होने का शक हुआ। सूत्रों का ये भी कहना है कि तीनों पुलिसकर्मी बंदी को पूरी सुविधाएं और आजादी दे रहे थे।


उसे काफी अच्छे ढंग से ले जाया गया था। इसी की एवज में बंदी की ओर से पुलिसकर्मियों को भी रहने, खाने और ठहरने की सुविधाएं दी गई।

बुलंदशहर हुई डकैती की साजिश में शामिल उत्तराखंड के तीनों पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए यहां की पुलिस रवाना हो चुकी है। तीनों आरोपियों को धारा 120 बी के तहत मुजरिम बनाया जाएगा।
- अखिलेश मीणा, एसएसपी, बुलंदशहर

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