फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   brutal rape case in uttarakhand.

बलात्कार के इन मामलों को पढ़कर रो पड़ेगा दिल

Sun, 31 May 2015 05:40 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 31 May 2015 05:40 PM IST
विज्ञापन
brutal rape case in uttarakhand.

उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश अब लड़कियां, महिलाएं और बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। पिछले दिनों उत्तराखंड में घटी इन घटनाओं को पढ़कर आपका दिल भी रो पड़ेगा।

विज्ञापन


उत्तराखंड में दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने मासूमों को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले दो लोगों को सजा सुनाई तो सुना दी लेकिन उन मासूमों की आत्मा पर लगा ये जख्म शायद ही वह कभी भूल पाएंगी।
विज्ञापन


एक बलात्कारी को 15 साल तो दूसरे को 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। वहीं, रामनगर में किशोरी को अगवा कर उससे दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उधर, पौड़ी में भी किशोरी से बलात्कार का मामला सामने आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) प्रीतू शर्मा की अदालत ने कथित बाबा संतोष गिरि को मासूम से दुष्कर्म और उसके भाई से कुकर्म करने का दोषी करार देते हुए 15 साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना ठोका है। जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष के डीजीसी नरेंद्र सिंह नेगी के मुताबिक उत्तराखंड के रामनगर के एक गांव में नेपाली परिवार रहता है। नेपाली के पड़ोस में ही कथित बाबा संतोष गिरी झोपड़ी बनाकर रहता था। संतोष गिरि मूलरूप से बागेश्वर जिले के बाली का रहने वाला है।

बाबा के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में कहा गया कि चार साल की बच्ची को संतोष गिरि बहलाकर-फुसलाकर अपनी झोपड़ी में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मासूम ने घटना की जानकारी अपनी दादी को दी। इसके बाद मासूम बच्ची के भाई ने खुलासा किया कि संतोष ने उसके साथ भी कुकर्म किया था।

मामले में रामनगर पुलिस ने 14 सितंबर 2014 को धारा 376(2) (ई), 377, 6 पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने बच्चों के बयान के आधार पर संतोष गिरि को गिरफ्तार कर लिया। मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक स्वेता नेगी ने की। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद संतोष को दुष्कर्म और कुकर्म का दोषी पाया।

अदालत ने धारा 376 (2) के तहत 15 साल की सजा और 10 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 377 के तहत 10 वर्ष की सजा और पांच हजार रुपए अर्थदंड, 6 पाक्सो एक्ट के तहत भी 10 वर्ष की सजा और पांच हजार रुपए का अर्थदंड सुनाया। 10 हजार रुपए अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

नाबालिग से बलात्कार में 10 साल की जेल

brutal rape case in uttarakhand.

विशेष सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में असेटी (भिचिलम) तहसील चौखुटिया जिला अल्मोड़ा निवासी हर सिंह पुत्र दीवान सिंह को धारा 376 (2), 363, 366 और पोक्सो एक्ट की धारा 3/4 में दोषी पाया।

न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष की कठोर सजा और 80 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 30 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा किए जाएंगे। हर सिंह 19 जून 2014 को नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर लुधियाना (पंजाब) ले गया और तीन माह तक साथ रखकर उसके साथ बलात्कार करता रहा।

19 सितंबर को आरोपी हर सिंह को गर्जिया (रामनगर) से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से बालिका को भी बरामद कर लिया गया। ल़डकी के पिता ने राजस्व उप निरीक्षक पुनियागड़ में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हो गया।

पुलिस ने विवेचना कर आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी के न्यायालय में चला। अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी दीवान सिंह बिष्ट ने नौ गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए और दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए।

न्यायालय ने आरोपी को धारा 363 में पांच साल की सजा और 10 हजार जुर्माना, धारा 366 में आठ साल की सजा और 20 हजार जुर्माना, 376 (2) में 10 साल की सजा और 50 हजार जुर्माना लगाया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कुल मिलाकर आरोपी को 10 साल की कठोर सजा और 80 हजार जुर्माना लगाया है।

अपहरण कर किशोरी से दुष्कर्म, केस दर्ज

brutal rape case in uttarakhand.

रामनगर (नैनीताल) में दो युवकों ने एक किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मेडिकल परीक्षण के बाद बालिका को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि 28 मई की दोपहर उसकी पत्नी और बेटी (14) किसी काम से जा रहे थे। रास्ते में उनके गांव के ही फारूख खान और नसरुद्दीन ने उसकी पत्नी और बेटी का बाइक से पीछा किया और मौका लगते ही बेटी को अगवा कर लिया।

पत्नी की सूचना पर बेटी की दिनभर तलाश की गई, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। उसी रात करीब नौ बजे उनकी बेटी चिल्किया के पास एक बगीचे में बेसुध मिली। बेटी ने बताया कि दोनों युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया है।

एसआई प्रताप नेगी ने बताया कि किशोरी का मेडिकल कराने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जबकि दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 376घ, 363, 366क, 3/4 पाक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

घर लौट रही किशोरी से बलात्कार
उधर, पौड़ी के पाबौ ब्लॉक में एक प्रशिक्षण संस्थान से घर लौट रही किशोरी को एक युवक ने रास्ते में अपनी हवस का शिकार बना लिया। राजस्व पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना से गुस्साए लोग आरोपी को उसके घर से पकड़कर नौठा बाजार ले आए। समाचार लिखे जाने तक आरोपी उनकी ही गिरफ्त में था।

राजस्व पुलिस के अनुसार पाबौ ब्लाक निवासी एक किशोरी शुक्रवार को शाम एक प्रशिक्षण संस्थान से घर लौट रही थी। इसी दौरान ब्लाक निवासी अनिल कुमार नाम के एक युवक ने रास्ते में उसे अकेला पाकर उसके साथ बलात्कार किया।

पीड़िता के घर पहुंचकर घटना की जानकारी देने पर उसके परिजनों ने राजस्व पुलिस में तहरीर देकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। उपजिलाधिकारी पीएल शाह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शुक्रवार की देर रात पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शनिवार को पीड़िता को अस्पताल ले जाकर उसका मेडिकल कराया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed