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इन्हीं चेहरों के पीछे तो नहीं छिपा है गैंग्स्टर भूरा?

Sat, 27 Dec 2014 01:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 27 Dec 2014 01:43 PM IST
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bhoora sketch released by police

भूरा के हुलिया बदल लेने की आशंका के बीच पुलिस ने उसके कई स्केच तैयार करवा लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक दस लाख के इनाम के बाद भूरा लोगों की नजरों में आने से बचने की कोशिश करेगा।

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ऐसे में उत्तराखंड पुलिस ने विभिन्न राज्यों को भूरा की अलग-अलग हुलियों में तैयार की गई कई तस्वीरें भेजी हैं। पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने इसकी पुष्टी की।
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भूरा की फरारी में शुरुआत से ही जेल प्रशासन पर भी सवाल उठते रहे हैं। भूरा के हिरासत से भागने के बाद दून जेल में भूरा की चप्पल से मोबाइल की बैटरी और पंखे के ऊपर रखा चार्जर बरामद हुआ था। लेकिन, जेल प्रशासन ने यह जानकारी छिपाए रखी। न तो भूरा पर मुकदमा दर्ज किया गया, न ही किसी जेल कर्मी पर कार्रवाई हुई। हालांकि, अब जांच में सारी सचाई सामने आने की बात कही जा रही है।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो बागपत में फरारी के बाद सुद्धोवाला जेल में भूरा की बैरक में तलाशी ली गई थी। उसके बिस्तर पर तो कुछ नहीं मिला, लेकिन चप्पल में जगह बनाकर रखी गई बैटरी और पंखे पर रखा चार्जर बरामद हो गया था। मोबाइल कहां गया, इसका अब तक पता नहीं चला है। हालांकि, इस मोबाइल नंबर का पता लगाकर जानकारियां जुटाई गई हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस ने बिछाया जाल

bhoora sketch released by police

सूत्रों का कहना है कि भूरा जेल में अपने एक साथी संग मोबाइल इस्तेमाल करता था। इतनी बड़ी चूक उजागर होने के बाद भी अब तक किसी जेल कर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल में जैमर होने के बावजूद मोबाइल नेटवर्क कैसे काम कर रहा था।

पुलिस महानिरीक्षक जेल डा. पीवीके प्रसाद कहते हैं कि यह गंभीर मामला है। बताया कि जांच चल रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जेल स्टाफ की सांठगांठ होने से भी इंकार नहीं किया। इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा।

सुद्धोवाला जेल में भूरा जिस कैदी के साथ रह रहा था, उसकी महाराष्ट्र में गहरी पैठ बताई जाती है। पहले हरिद्वार और फिर दून में भी दोनों साथ रहे। भूरा पहले भी फरारी के दौरान मुंबई में छिपा था। भूरा के मोबाइल की काल डिटेल से यह भी साफ हुआ है कि दोनों अधिकतर काल महाराष्ट्र के ही विभिन्न क्षेत्रों में करते थे। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस की एक टीम मुंबई में डेरा डाले हुए है।

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