फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   beaten up in custody, court order to register case.

कस्टडी में मारपीट: रिपोर्ट बनाने वाले तीन डॉक्टरों पर मुकदमा

Sun, 19 Jun 2016 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 19 Jun 2016 09:23 AM IST
सार

  • डॉक्टरों पर पुलिस के पक्ष में फर्जी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट देने का आरोप 
  • एसीजेएम द्वितीय विनोद कुमार बर्मन की अदालत ने दिए आदेश 
  • तत्कालीन एसओ प्रेमनगर और एसआई के खिलाफ भी होगा केस 

विज्ञापन
beaten up in custody, court order to register case.
court

विस्तार

अदालत ने पुलिस कस्टडी में लिए गए बंदी की फर्जी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आरोप में दून अस्पताल के चिकित्सकीय पैनल के तीन डॉक्टरों डॉ. नवजीत बेदी, डॉ. चेतन गिरोटी और डॉ. निधि उनियाल के खिलाफ कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वहीं, एसओ प्रेमनगर यशपाल सिंह बिष्ट और एसआई जितेंद्र कुमार के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

विज्ञापन


अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय विनोद कुमार बर्मन ने अपने फैसले में एसएचओ कोतवाली को 24 घंटे के भीतर केस दर्ज कर एफआईआर की प्रति कोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
विज्ञापन


उन्होंने अपने फैसले में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोक प्राधिकारियों एवं कर्मचारियों से कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में अधिक सतर्कता और ईमानदारी बरतने की अपेक्षा की जाती है। प्रत्येक व्यक्ति चाहे वे पुलिस अधिकारी हो या डाक्टर, कोर्ट के सामने सही तथ्य रखने के लिए विधिक रूप से बाध्य हैं। लेकिन इस मामले में पुलिस अफसरों व दून अस्पताल के डॉक्टरों ने कोर्ट के सामने जानबूझकर सही तथ्य नहीं रखे और कोर्ट को गुमराह करने एवं आरोपी पुलिस अधिकारियों को बचाने का पूरा प्रयास किया। इस तरह से यह मामला भारतीय संविधान के प्रावधानों व अन्य वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किए जाने से संबंधित है।

विज्ञापन
विज्ञापन

धोखा देने के आशय से बनाई गई रिपोर्ट: अदालत

beaten up in custody, court order to register case.
कोर्ट - फोटो : demo

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि चिकित्सकीय पैनल के तीनों डॉक्टरों ने प्रेमनगर थाने के एसएचओ यशपाल सिंह बिष्ट व एसआई जितेंद्र कुमार के साथ मिलकर षडयंत्रपूर्वक कोर्ट को धोखा देने के आशय से फर्जी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट तैयार की।

एसीजेएम द्वितीय ने अपने फैसले में एसएचओ थाना कोतवाली देहरादून को निर्देशित किया कि वह न्यायालय के पारित आदेश को तहरीर मानते हुए मामले को दर्ज कराने के लिए न्यायालय की ओर से अधिकृत फौजदारी लिपिक रमेश चंद्र पंत को वादी मानते हुए मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना करें।  

इनका है कहना
पुलिस कस्टडी में मारपीट भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। डाक्टरों ने पुलिस के साथ मिलकर वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति को छिपाने का प्रयास करते हुए झूठी और गलत सप्लीमेंट्री रिपोर्ट तैयार की है।
-दीपक कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed