अनुपमा हत्याकांड: हाईकोर्ट से भी नहीं मिली पति को राहत
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देहरादून के बहुचर्चित अनुपमा हत्याकांड में आरोपी पति की जमानत याचिका को नैनीताल हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। देहरादून निवासी अनुपमा की दिसंबर 2010 में निर्ममता से हत्या कर दी गई थी।
इतना ही नहीं उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर फ्रीज में रखे गए थे। हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट को 6 माह के भीतर सत्र परीक्षण समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अभियुक्त राजेश गुलाटी ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।
सेशन कोर्ट को सुनवाई तेज करने के निर्देश
मामले के अनुसार 12 दिसंबर 2010 को थाना देहरादून में मृतका के भाई सुजान कुमार ने अपनी बहन अनुपमा के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में कहा था कि जब वह जीजा राजेश गुलाटी के घर आया तो उसे राजेश ने बताया कि उसकी बहन एक हफ्ते पूर्व बिना बताए घर से कहीं चली गई है।
जांच में अनुपमा की हत्या का खुलासा हुआ और उसके शरीर के टुकड़े आरोपी पति के फ्रीज में रखे पाए गए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इस मामले को गंभीर मानते हुए अनुपमा हत्याकांड के आरोपी पति की जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सेशन कोर्ट को 6 माह के भीतर सत्र परीक्षण समाप्त करने के निर्देश दिए।