नौकरी से निकाला तो टंकी पर चढ़ गया जान देने
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महंत इंदिरेश अस्पताल के निलंबित कर्मचारी ने दो घंटे तक परिजनों और पुलिस की जान सांसत में डाले रखी। नशे में यह कर्मचारी बीएसएनएल टावर के पास ओवरहेड टैंक पर जा चढ़ा।
अस्पताल के कुछ अधिकारियों पर मारपीट का आरोप और कार्रवाई की मांग पर वह टंकी से कूदने की धमकी देता रहा। दो घंटे चली मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। नीचे उतरने पर कुछ लोगों ने उसकी पिटाई भी कर डाली। बाद में पुलिस ने शांति भंग में युवक का चालान कर दिया।
महंत इंदिरेश अस्पताल में कर्मचारी पटेलनगर निवासी राजेश कुमार को अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार को निलंबित कर दिया था। अस्पताल में सहकर्मियों से मारपीट करने के बाद यह कदम उठाया गया था।
पुलिस ने सुरक्षित उतारा, किया चालान
बुधवार दोपहर एक बजे राजेश नशे में धुत होकर पटेलनगर स्थित बीएसएनएल दफ्तर के पास ओवरहेड टैंक पर चढ़ गया। हाथ में कुछ कागजात लेकर वह अस्पताल प्रशासन पर मारपीट और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाता रहा। पुलिस पर भी सवाल उठाए। राजेश बार-बार टंकी से कूदने की धमकी देता रहा।
इस बीच पुलिस ने टंकी की बगल की छत पर कुछ लोगों को छिपा दिया। इसके बाद कुछ पुलिसकर्मी टंकी पर चढ़ने लगे तो राजेश टंकी से हटकर छत की ओर कूद गया। वहां पहले से मौजूद लोगों ने उसे दबोच लिया। बाद में उसे नीचे लाया गया तो कुछ लोगों ने उसे पीट दिया।
पटेलनगर इंस्पेक्टर पंकज गैरोला ने बताया कि मेडिकल के बाद राजेश का चालान कर दिया गया। उधर, अस्पताल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूडी ने बताया कि नशे की शिकायत पर आरोपी को निलंबित किया जा चुका है।
मां, पत्नी लगाती रहीं गुहार
राजेश के टंकी पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही उसकी मां और पत्नी दुधमुंहे बच्चे को लेकर मौके पर पहुंच गईं। दोनों हाथ जोड़ और रो-रोकर राजेश को उतरने की दुहाई देते रहे, लेकिन वह जिद पर अड़ा रहा। उसके नीचे उतरने पर ही दोनों को चैन आया।
अस्पताल की बिल्डिंग पर भी चढ़ा था
बताया जा रहा है कि मंगलवार को साथियों से झगड़े के बाद राजेश महंत इंदिरेश अस्पताल की छत पर भी चढ़ गया था। उसका आरोप था कि अस्पताल प्रशासन ने दोषियों पर कार्रवाई के बजाय उसे ही निलंबित कर दिया।
बाद में पुलिस को बुलाकर राजेश को उन्हें सौंप दिया गया था। हालांकि, राजेश की मां के आश्वासन पर पुलिस ने उसे बिना कार्रवाई छोड़ दिया था।