संवासिनी से रेप और गर्भपात में नारी निकेतन में चार कर्मचारी अरेस्ट
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देहरादून नारी निकेतन में मूक बधिर संवासिनी से रेप और गर्भपात के मामले में पुलिस ने नारी निकेतन के चार कर्मचारियों के गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को यह बड़ी कार्रवाई की गई।
सूत्रों की मानें तो नारी निकेतन की महिला अधिकारी समेत छह कर्मचारियों पर पुलिस की पैनी नजर है। इन पर कानूनी कार्रवाई के लिए विभागीय स्तर से अनुमति ली जा चुकी है और पुलिस ने गिरफ्तारी की पूरी तैयारी कर ली है।
नारी निकेतन में संवासिनी से दुराचार कर गर्भवती बनाने के मामले में तीस नवंबर की रात पुलिस ने केयर टेकर हाशिम और होमगार्ड ललित कुमार बिष्ट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से गर्भपात कराने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सुबूतों का संकलन चल रहा था।
कई दिनों की भागदौड़ के बाद पुलिस कार्रवाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। सूत्रों की माने तो नारी निकेतन की एक महिला अधिकारी समेत छह को साजिश की धारा का दोषी बताया गया है, जिसमें चार से पांच महिला कर्मचारी है। लिखा-पढ़ी में उनका नाम लेते हुए विभागीय स्तर से गिरफ्तारी के लिए अनुमति की औपचारिकता भी पूरी कर ली गई है। तमाम आरोपी पुलिस की निगरानी में है।
एसपी सिटी अजय सिंह ने विवेचक और एसआईटी टीम के साथ बैठक कर उन्हें अलग-अलग टारगेट दिए हैं। पुलिस का प्रयास है कि शुक्रवार को इस मामले में तमाम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को पूरा कर लिया जाए।
उधर, एसएसपी सदानंद दाते का कहना है कि नारी निकेतन मामले में जो भी दोषी है, उनके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि अमर उजाला ने सबसे पहले 17 नवंबर को नारी निकेतन में रेप और गर्भपात के इस मामले का खुलासा किया था।
चार से पांच लोगों का हो सकता है डीएनए
डीएनए मिलान में बरामद भ्रूण संवासिनी का साबित होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के साथ नारी निकेतन में दखल रखने वाले कई पुरुषों का डीएनए कराने की तैयारी की है। ताकि शक की कोई गुंजाइश न रहे। हालांकि पीड़ित संवासिनी के बयानों में दो के ही नाम सामने आए थे।
पुलिस की निगाह अब पीड़ित संवासिनी और उसके भ्रूण के डीएनए मिलान पर टिकी है। एक हफ्ते में इस मामले की रिपोर्ट आने की उम्मीद है। पर पुलिस ने अभी से ही आगामी कार्रवाई की योजना के लिए तैयार है।
पॉजीटिव रिपोर्ट आने की स्थिति में दोनों आरोपियों हाशिम, ललित बिष्ट के अलावा अन्य पुरुष कर्मचारियों का भी डीएनए मिलान करा सकती है। दरअसल इन कर्मियों के अलावा कई ऐसे लोग हैं, जिनका नारी निकेतन में आना-जाना था। पुलिस इसे ध्यान में रखते हुए कोई चूक बरतने के मूड में नहीं है।
पुलिस की कहानी पुख्ता करेंगी संवासिनी
नारी निकेतन के रेप और गर्भपात के मामले में पुलिस ने अपनी कहानी को पुख्ता करने के लिए एक कर्मचारी और दो संवासिनी के 164 के बयान दर्ज कराने की तैयारी में है। विवेचक के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने बयान दर्ज कराने के लिए शुक्रवार का दिन मुकर्रर किया है। इनमें वो कर्मचारी भी शामिल है, जो दूधली में भ्रूण दबाने के समय स्कूटर पर बाहर बैठा रहा था।
नारी निकेतन में संवासिनी से रेप और गर्भपात कराने के मामले में पुलिस आरोपियों पर शिकंजा कसने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती है। बुधवार को दिन भर की माथापच्ची के बाद पुलिस ने नारी निकेतन के एक कर्मचारी और दो संवासिनियों को सरकारी गवाह के रुप में तैयार कर लिया है, जो पुलिस कहानी पुख्ता करने में मददगार बनेंगे।
इनमें नारी निकेतन का कर्मचारी बलिराम भी शामिल है। संवासिनी के गर्भ को नारी निकेतन परिसर से निकालकर दूधली गांव में दबाने के दौरान बलिराम भी मौजूद था, लेकिन उसके इस बात की भनक नहीं दी गई थी।
वह तो स्कूटर पर ही बैठा रहा, जबकि दूसरे ने जंगल में जाकर भ्रूण दबाया था। विवेचक कविता जोशी की तरफ से बृहस्पतिवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद बयान दर्ज कराने के लिए शुक्रवार की तिथि निर्धारित की है।