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वहशियाना कत्ल से पहले जुनूनी प्यार, पार्ट-3
देहरादून, अमर उजाला
Updated Sun, 08 Sep 2013 09:50 AM IST
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अनुपमा हत्याकांड के अक्टूबर 2013 में तीन साल पूरे हो जाएंगे। अभी तक आपने पढ़ा कि कैसे राजेश ने अपनी पत्नी अनुपमा की निर्ममता से हत्या की और किस बात पर उन दोनों में झगड़े होते थे। शादी से पहले राजेश अपनी प्रेमिका अनुपमा से माफी मांगता था। उसके बिना मर जाने की बातें करता था। इस कड़ी में हम उन्हीं पत्रों को आपके सामने पेश कर रहे हैं।
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19 दिसंबर 94
...यू आर माई एवरीथिंग। मैं तुम्हारे बिना मर जाऊंगा। तुम नहीं जानती, मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं। एक दिन मैं तुम्हारे लिए अपनी जिंदगी देकर इसे साबित करूंगा। (अनुपमा को लिखे इस पत्र में इसका भी जिक्र है कि अनुपमा ने राजेश को भी एक खत लिखा था जिसमें उसने खुद को अनुपमा गुलाटी लिखा था। इस पर राजेश बेहद खुश था।)
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पढ़ें: वहशियाना कत्ल से पहले जुनूनी प्यार, पार्ट-2
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इसी पत्र में तिरुपति बालाजी जाने और सिर मुड़ाने का जिक्र। अपने भविष्य में होने वाले बेटे के मुंडन के लिए यहां आने का उल्लेख। रोचक तथ्य यह कि अनुपमा के लिए कि तुम्हारे दोस्त कहेंगे-बच्चे का नाम ‘उल्लु का पट्ठा’ है।
पत्र के अंत में पाने वाली अनु के बाद बायें और दाहिने ओर बुलबुल लिखकर आई लव यू, आई लव यू का उल्लेख।
बिना तारीख बात न करने पर
मैं जानता हूं, गलतफहमी का कोई इलाज नहीं है। पर इतिहास गवाह है कि गलतफहमियों ने कितने घर तबाह किए हैं और कितने रिश्ते तोड़े हैं। ...अनु मैं इनसान हूं। कोई देवता नहीं। मैं भी इनसानों की तरह गलती कर सकता हूं।
उसके बाद भी मैंने तुम्हें हर तरीके से खुश रखने की कोशिश की है। तुमने कितनी आसानी से कह दिया कि रेनू (एक लड़की) से मेरे रिश्ते हैं। एक ऐसी लड़की जिसे मैने हमेशा बहन की तरह समझा। उसके बाद भी हालात को देखते हुए मैने उसकी उपेक्षा की।
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अपनी भाभी की राय अनसुनी कर के भी अनु से प्यार करने का उल्लेख। इसके बाद भी अगर तुम मुझसे नफरत करती हो तो मैं भी तुम्हारी जिंदगी में दखल नहीं दूंगा। तुम्हारी खुशी के वास्ते मैं तुम्हारे रास्ते में कभी नहीं आऊंगा। मैंने हमेशा तुम्हें कुछ देने की कोशिश की है। बदले में कुछ भी नहीं मांगा। भगवान तुम्हारा भविष्य बर्बाद करने के लिए मुझे कभी माफ नहीं करेगा।