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वहशियाना कत्ल से पहले जुनूनी प्यार, पार्ट-2
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 05 Sep 2013 04:58 PM IST
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देहरादून का चर्चित अनुपमा हत्या कांड 2010 में उत्तराखंड में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा। इससे पहले आपने पढ़ा कि पुलिस के मुताबिक कैसे राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी अनुपमा की हत्या की थी।
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इस बात का पहले भी जिक्र हो चुका है कि दोनों में जमकर लड़ाई होती थी। लड़ाई के कारण ही राजेश ने अनुपमा को धक्का दे दिया जिसके बाद वो बेहोश हो गई थी।
वहशियाना कत्ल से पहले जुनूनी प्यार, पार्ट-1
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सूत्रों के मुताबिक अनुपमा और राजेश के बीच लड़ाई की असली वजह पैसा थी। अनुपमा चाहती थी कि राजेश उसे हर महीने खरीददारी के लिए मोटी रकम दे जबकि राजेश उस समय मंदी के कारण पैसों की तंगी में आ गया था।
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पढें...ये कैसी रंजिश, चाकू से गोद कर किया अधमरा
इन दोनों की शादी से पहले भी तकरार होती रहती थी। लेकिन उस समय राजेश अपनी प्रेमिका अनुपमा को मना लिया करता था।
21 नवंबर 94 (मिलने के 32 महीने बाद लिखा पत्र)
अनु, तुमने अभी तक मेरे को कोई पत्र नहीं लिखा। प्लीज, कुछ लिखो। क्या तुम एक पेज भी नहीं लिख सकती? मुझे अपनी पढ़ाई के बारे में लिखो। फिर, पुराने दिनों को याद करने का जिक्र। दिल्ली ( वसंत विहार, लोधी गार्डन। एक साथ बैठने, प्यार करने और बेवजह लड़ने का उल्लेख। मेरे लिए पढ़ाई में एकाग्रचित्त करना मुश्किल हो
रहा है।
लेटर में पहले टेस्ट में 87 फीसदी अंकों के साथ पहले स्थान पर रहने का जिक्र है। हिंदी में लिखा है; यहां आकर देखो कि तुम्हारे नोनू का क्या हाल हो गया है?
‘मैंने दिवास्वप्न देखा जब तुम मेरे पास हो। सिर्फ मैं और मेरी बुलबुल तुम। हमारी बेटी बेहद खूबसूरत होगी, बिलकुल तुम्हारी तरह, लेकिन मैं उसे अपने-तुम्हारे पास नहीं सुलाऊंगा। क्योंकि तुम मेरे को प्यार नहीं करोगी। क्यों कि मैं हमारे प्यार को बांटना नहीं चाहता। अरे! मैं तो सिर्फ मजाक कर कर रहा था। वो तो हमारे शरीर का ही अंश होगी। वह तो एक प्रमाण होगी, प्रमाण मेरे और तुम्हारे प्यार का।’ अंदाज अपना-अपना फिल्म का उल्लेख। हिंदी में-प्रियतमा कैसी हो? ...अरे, तुम तो गुस्सा हो गई। दरअसल मैं तुम्हारा गुस्सा भड़काना चाहता था। ...जब तुम गुस्सा होती हो तो और भी खूबसूरत लगती हो।
इस कड़ी के और पत्र अगले पोस्ट में पढ़ने को मिलेंगे।