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हरियाणा के कूचों से बेआबरू होकर लौटी दून पुलिस
Updated Sun, 19 Aug 2018 01:48 AM IST
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हरियाणा के कूचों से बेआबरू होकर लौटी दून पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। हरियाणा के पुन्हाना में बदमाश पकड़ने गई पुलिस बेआबरू होकर खाली हाथ दून लौट आई। पुलिस को बदमाश तो मिला नहीं उल्टे हत्या की जांच और गले पड़ गई। बताया जा रहा है कि वहां हत्या और हत्या के प्रयास के मामले से बचाने के लिए उत्तराखंड पुलिस के आला अधिकारियों को भी खूब पापड़ बेलने पड़े। अंतत: शुक्रवार को पुन्हाना थाने में बयान आदि दर्ज करने और जांच में सहयोग करने के ‘वादे’ के साथ पुलिस को वहां से आने दिया गया।
बता दें कि गत 23 जुलाई को कैंट थाना क्षेत्र में एक मोबाइल स्टोर में लाखों के मोबाइल चोरी कर लिए गए थे। चोर वहां से एक कार में बैठकर फरार हुए थे। इसी कार का पीछा करते हुए एसओजी और कैंट थाना पुलिस हरियाणा के नूंह जिले के पुन्हाना थाना क्षेत्रांतर्गत पटकारपुर गांव पहुंची थी। वहां पुलिस ने एक शब्बीर नाम के बदमाश को घेरा ही था कि ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर शब्बीर को घेरे से निकाल लिया। इसके बाद दोबारा जब पुलिस ने प्रयास किया तो बदमाशों ने उन्हें घेरकर गोलियां चला दीं। पुलिस की तरफ से भी जवाबी फायरिंग हुई। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में साहिब नाम के एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस वहां बदमाश पकड़ना तो भूल गई उल्टे अब जांच में फंस गई। ग्रामीणों ने हरियाणा और उत्तराखंड पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने की मांग को प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला हरियाणा के मुख्यमंत्री तक भी पहुंचा था। हालांकि ग्रामीणों को वहां से राहत नहीं मिल सकी।
इधर, दून पुलिस की ओर से एक सीओ, दो इंस्पेक्टर और एक दारोगा को वहां संवाद कायम करने के लिए भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक हरियाणा पुलिस पर भी स्थानीय जनप्रतिनिधि का दबाव था। इसी को लेकर एसओजी और कैंट पुलिस को हरियाणा छोड़कर नहीं आने दिया गया। यहां से गए अधिकारियों को भी जब सफलता नहीं मिली तो उत्तराखंड और हरियाणा पुलिस मुख्यालय के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड सरकार को भी इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद शुक्रवार सुबह पुलिस अपने राज्य वापस लौट सकी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। हरियाणा के पुन्हाना में बदमाश पकड़ने गई पुलिस बेआबरू होकर खाली हाथ दून लौट आई। पुलिस को बदमाश तो मिला नहीं उल्टे हत्या की जांच और गले पड़ गई। बताया जा रहा है कि वहां हत्या और हत्या के प्रयास के मामले से बचाने के लिए उत्तराखंड पुलिस के आला अधिकारियों को भी खूब पापड़ बेलने पड़े। अंतत: शुक्रवार को पुन्हाना थाने में बयान आदि दर्ज करने और जांच में सहयोग करने के ‘वादे’ के साथ पुलिस को वहां से आने दिया गया।
बता दें कि गत 23 जुलाई को कैंट थाना क्षेत्र में एक मोबाइल स्टोर में लाखों के मोबाइल चोरी कर लिए गए थे। चोर वहां से एक कार में बैठकर फरार हुए थे। इसी कार का पीछा करते हुए एसओजी और कैंट थाना पुलिस हरियाणा के नूंह जिले के पुन्हाना थाना क्षेत्रांतर्गत पटकारपुर गांव पहुंची थी। वहां पुलिस ने एक शब्बीर नाम के बदमाश को घेरा ही था कि ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर शब्बीर को घेरे से निकाल लिया। इसके बाद दोबारा जब पुलिस ने प्रयास किया तो बदमाशों ने उन्हें घेरकर गोलियां चला दीं। पुलिस की तरफ से भी जवाबी फायरिंग हुई। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में साहिब नाम के एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस वहां बदमाश पकड़ना तो भूल गई उल्टे अब जांच में फंस गई। ग्रामीणों ने हरियाणा और उत्तराखंड पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने की मांग को प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला हरियाणा के मुख्यमंत्री तक भी पहुंचा था। हालांकि ग्रामीणों को वहां से राहत नहीं मिल सकी।
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इधर, दून पुलिस की ओर से एक सीओ, दो इंस्पेक्टर और एक दारोगा को वहां संवाद कायम करने के लिए भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक हरियाणा पुलिस पर भी स्थानीय जनप्रतिनिधि का दबाव था। इसी को लेकर एसओजी और कैंट पुलिस को हरियाणा छोड़कर नहीं आने दिया गया। यहां से गए अधिकारियों को भी जब सफलता नहीं मिली तो उत्तराखंड और हरियाणा पुलिस मुख्यालय के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड सरकार को भी इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद शुक्रवार सुबह पुलिस अपने राज्य वापस लौट सकी।
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