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फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर 20 लाख रुपये ठगे
Updated Wed, 07 Nov 2018 01:48 AM IST
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फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर 20 लाख रुपये ठगे
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एक दंपति ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर जमीन बेचने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये ठग लिए। व्यक्ति ने जब रजिस्ट्री करानी चाही तो पता चला कि पावर ऑफ अटॉर्नी ही फर्जी बनाई गई है। पीड़ित की शिकायत पर दंपति के खिलाफ मुकदमा कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मुकदमा शहर कोतवाली में दर्ज किया गया है। एसएसआई अशोक राठौर ने बताया कि प्रमोद खन्ना निवासी राजपुर रोड ने कोतवाली में शिकायत की है। आरोप है कि अजबपुर कलां निवासी फुरकान अली और उसकी पत्नी गुलशाना ने उन्हें एक जमीन दिखाई थी। उन्होंने प्रमोद को एक पावर ऑफ अटॉर्नी दिखाई और कहा कि यह जमीन उसे बेचना चाहते हैं। जमीन बेचने का अधिकार उन्हीं के पास है। इसके लिए उन्होंने प्रमोद से इकरारनामा कर 20 लाख रुपये भी ले लिए। इसके बाद जब प्रमोद ने जमीन की रजिस्ट्री के लिए कहा तो उन्होंने टालना शुरू कर दिया। प्रमोद ने जब इसकी जांच कराई तो पता चला कि उन्होंने पावर ऑफ अटॉर्नी ही गलत तरीके से बनाई हुई है। राठौर ने बताया कि मामले की प्राथमिक जांच के बाद फुरकान और गुलशाना के खिलाफ धोखाधड़ी और कूट रचना का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एक दंपति ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर जमीन बेचने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये ठग लिए। व्यक्ति ने जब रजिस्ट्री करानी चाही तो पता चला कि पावर ऑफ अटॉर्नी ही फर्जी बनाई गई है। पीड़ित की शिकायत पर दंपति के खिलाफ मुकदमा कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मुकदमा शहर कोतवाली में दर्ज किया गया है। एसएसआई अशोक राठौर ने बताया कि प्रमोद खन्ना निवासी राजपुर रोड ने कोतवाली में शिकायत की है। आरोप है कि अजबपुर कलां निवासी फुरकान अली और उसकी पत्नी गुलशाना ने उन्हें एक जमीन दिखाई थी। उन्होंने प्रमोद को एक पावर ऑफ अटॉर्नी दिखाई और कहा कि यह जमीन उसे बेचना चाहते हैं। जमीन बेचने का अधिकार उन्हीं के पास है। इसके लिए उन्होंने प्रमोद से इकरारनामा कर 20 लाख रुपये भी ले लिए। इसके बाद जब प्रमोद ने जमीन की रजिस्ट्री के लिए कहा तो उन्होंने टालना शुरू कर दिया। प्रमोद ने जब इसकी जांच कराई तो पता चला कि उन्होंने पावर ऑफ अटॉर्नी ही गलत तरीके से बनाई हुई है। राठौर ने बताया कि मामले की प्राथमिक जांच के बाद फुरकान और गुलशाना के खिलाफ धोखाधड़ी और कूट रचना का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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