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वन विभाग के गेस्ट हाउस में नहीं रुक सकेंगे पर्यटक
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:35 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
राजाजी टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटक अब वन विभाग के गेस्ट हाउस में नहीं रुक पाएंगे। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब पर्यटकों के ठहरने पर रोक लगा दी गई है। वनकर्मी ही अब विभाग के गेस्ट हाउस में रुक सकेंगे। जबकि पर्यटक गढ़वाल मंडल के गेस्ट हाउस में ही रुक सकेंगे।
राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज के गेट 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खोले जा रहे हैं। रेंज में सैलानियों के रात्रि विश्राम के लिए वन विभाग के गेस्ट हाउस सहित गढ़वाल मंडल के गेस्ट हाउस की व्यवस्था है, लेकिन कई विभागों के अधिकारी, मंत्री और नेताओं के परिजन आदि रात्रि विश्राम के लिए कई बार वन विभाग के गेस्ट हाउस का ही उपयोग करते हैं। इन व्यक्तियों के भोजन की व्यवस्था भी वन विभाग ही करता है। जिसका भुगतान तक वन विभाग को नहीं किया जाता है और भार वन विभाग को ही उठाना पड़ता है। कई बार तो कई जनप्रतिनिधि सिफारिश कराकर गेस्ट हाउस को खुलवा लिया करते हैं, जिससे वन क्षेत्र के शांत वातावरण में खलल तो पड़ती ही हैं, साथ ही वन विभाग के गेस्ट हाउस का दुप्रयोग होने की संभावना भी बनी रहती है, लेकिन अब हाईकोर्ट ने वन विभाग के गेस्ट हाउस में पर्यटकों के ठहरने पर रोक लगा दी है। केवल वनकर्मी ही गेस्ट हाउस मे रुक सकेंगे। रेंजर अनिल पैन्यूली ने बताया कि पर्यटक अब केवल गढ़वाल मंडल के गेस्ट हाउस में ही रुक सकेंगे।
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राजाजी टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटक अब वन विभाग के गेस्ट हाउस में नहीं रुक पाएंगे। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अब पर्यटकों के ठहरने पर रोक लगा दी गई है। वनकर्मी ही अब विभाग के गेस्ट हाउस में रुक सकेंगे। जबकि पर्यटक गढ़वाल मंडल के गेस्ट हाउस में ही रुक सकेंगे।
राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज के गेट 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खोले जा रहे हैं। रेंज में सैलानियों के रात्रि विश्राम के लिए वन विभाग के गेस्ट हाउस सहित गढ़वाल मंडल के गेस्ट हाउस की व्यवस्था है, लेकिन कई विभागों के अधिकारी, मंत्री और नेताओं के परिजन आदि रात्रि विश्राम के लिए कई बार वन विभाग के गेस्ट हाउस का ही उपयोग करते हैं। इन व्यक्तियों के भोजन की व्यवस्था भी वन विभाग ही करता है। जिसका भुगतान तक वन विभाग को नहीं किया जाता है और भार वन विभाग को ही उठाना पड़ता है। कई बार तो कई जनप्रतिनिधि सिफारिश कराकर गेस्ट हाउस को खुलवा लिया करते हैं, जिससे वन क्षेत्र के शांत वातावरण में खलल तो पड़ती ही हैं, साथ ही वन विभाग के गेस्ट हाउस का दुप्रयोग होने की संभावना भी बनी रहती है, लेकिन अब हाईकोर्ट ने वन विभाग के गेस्ट हाउस में पर्यटकों के ठहरने पर रोक लगा दी है। केवल वनकर्मी ही गेस्ट हाउस मे रुक सकेंगे। रेंजर अनिल पैन्यूली ने बताया कि पर्यटक अब केवल गढ़वाल मंडल के गेस्ट हाउस में ही रुक सकेंगे।
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