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सीपीआरआई की जांच पूरी, अब रिपोर्ट का इंतजार
Updated Sun, 10 Jun 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में पिछले साल ट्रांसफार्मर (80 एमवीए) के फुंकने की जांच सीपीआरआई बंगलूरू की टीम ने पूरी कर ली है। अब पिटकुल अफसरोें व आपूर्तिकर्ता कंपनी को सीपीआरआई की रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं जांच पूरी करने के बाद विशेषज्ञ टीम शनिवार को बंगलूरू लौट गई।
बता दें, पिटकुल के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में निजी कंपनी के जरिये 80 एमवीए का करोड़ों रुपये कीमत का ट्रांसफार्मर लगाया गया था, लेकिन 15 मार्च 2017 को ट्रांसफार्मर पावर सप्लाई देने के दौरान तेज धमाके साथ जल गया। पिटकुल अफसरों का कहना था कि ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता खराब होने की वजह से निगम को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से जांच कराई गई। आईआईटी विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और बंगलूरू स्थित सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) के तकनीकी विशेषज्ञों से जांच कराने का सुझाव दिया। आखिरकार एक साल बाद सीपीआरआई के विशेषज्ञों की टीम लैब के साथ दून पहुंची और पिटकुल अफसरों व आपूर्तिकर्ता कंपनी के अफसराें-विशेषज्ञों की मौजूदगी में तीन दिन तक जांच की। जांच के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है। जांच टीम में शामिल विशेषज्ञों ने बताया कि जांच रिपोर्ट बंगलूरू से ही भेजी जाएगी। हालांकि सूत्रों के अनुसार कई अफसर सीपीआरआई विशेषज्ञों से जांच रिपोर्ट यहीं उपलब्ध कराने का दबाव बनाते रहे, टीम ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
12 अभियंताओं को जारी हो चुके हैं आरोप पत्र
इस प्रकरण में पिटकुल के कई मुख्य अभियंता समेत 12 अभियंताओं को पहले ही आरोप पत्र जारी किए जा चुके हैं। आरोपी अभियंताओं ने अपने बयान भी दर्ज करा दिए हैं। इसके अलावा जिन अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किया गया है उनके उत्तरों के परीक्षण व मूल्यांकन के लिए यूपीसीएल के निदेशक परिचालन अतुल अग्रवाल व पिटकुल के निदेशक वित्त आशीष कुमार की अगुवाई में गठित टीम से पहलुओं की जांच करायी गई है।
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पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में पिछले साल ट्रांसफार्मर (80 एमवीए) के फुंकने की जांच सीपीआरआई बंगलूरू की टीम ने पूरी कर ली है। अब पिटकुल अफसरोें व आपूर्तिकर्ता कंपनी को सीपीआरआई की रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं जांच पूरी करने के बाद विशेषज्ञ टीम शनिवार को बंगलूरू लौट गई।
बता दें, पिटकुल के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में निजी कंपनी के जरिये 80 एमवीए का करोड़ों रुपये कीमत का ट्रांसफार्मर लगाया गया था, लेकिन 15 मार्च 2017 को ट्रांसफार्मर पावर सप्लाई देने के दौरान तेज धमाके साथ जल गया। पिटकुल अफसरों का कहना था कि ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता खराब होने की वजह से निगम को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से जांच कराई गई। आईआईटी विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और बंगलूरू स्थित सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) के तकनीकी विशेषज्ञों से जांच कराने का सुझाव दिया। आखिरकार एक साल बाद सीपीआरआई के विशेषज्ञों की टीम लैब के साथ दून पहुंची और पिटकुल अफसरों व आपूर्तिकर्ता कंपनी के अफसराें-विशेषज्ञों की मौजूदगी में तीन दिन तक जांच की। जांच के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है। जांच टीम में शामिल विशेषज्ञों ने बताया कि जांच रिपोर्ट बंगलूरू से ही भेजी जाएगी। हालांकि सूत्रों के अनुसार कई अफसर सीपीआरआई विशेषज्ञों से जांच रिपोर्ट यहीं उपलब्ध कराने का दबाव बनाते रहे, टीम ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
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12 अभियंताओं को जारी हो चुके हैं आरोप पत्र
इस प्रकरण में पिटकुल के कई मुख्य अभियंता समेत 12 अभियंताओं को पहले ही आरोप पत्र जारी किए जा चुके हैं। आरोपी अभियंताओं ने अपने बयान भी दर्ज करा दिए हैं। इसके अलावा जिन अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किया गया है उनके उत्तरों के परीक्षण व मूल्यांकन के लिए यूपीसीएल के निदेशक परिचालन अतुल अग्रवाल व पिटकुल के निदेशक वित्त आशीष कुमार की अगुवाई में गठित टीम से पहलुओं की जांच करायी गई है।
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