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भोजन माताओं के लिए दो करोड़, 52 लाख बजट दिया
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:41 AM IST
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भोजन माताओं के लिए दो करोड़, 52 लाख बजट दिया
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बनाने वाली भोजन माताओं के लिए शासन ने दो करोड़, 52 लाख, 30 हजार रुपये बजट जारी कर दिया है। केंद्र से मध्यान्ह भोजन के संबंध में दूसरी किस्त मिलने के बाद राज्य ने यह धनराशि जारी की है। यह बजट भोजन माताओं को प्रोत्साहन राशि के मद में जारी किया गया है।
मध्यान्ह भोजन के मद में केंद्र से पहली किस्त मिलने के बाद राज्य के अपना हिस्सा न देने की वजह से अगली किस्त अटक गई थी। इसके साथ ही भोजन माताओं के मानदेय के भुगतान में भी दिक्कत पैदा हो गई। बाद में राज्य के अपने हिस्से की धनराशि जारी करने के बाद केंद्र ने दूसरी किस्त जारी कर दी है। इसके बाद भोजन माताओं के मानदेय के मद का पैसा जारी किया गया है। भोजन माताओं को केंद्रीय योजना के प्रावधान के मुताबिक 900 रुपये मानदेय दिया जाता है। राज्य सरकार ने मानदेय में प्रोत्साहन राशि के रूप में 1100 रुपये और बढ़ा दिए हैं। इस तरह भोजन माताओं को दो हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। राज्य के स्कूलों में 28000 हजार भोजन माताएं कार्यरत हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बनाने वाली भोजन माताओं के लिए शासन ने दो करोड़, 52 लाख, 30 हजार रुपये बजट जारी कर दिया है। केंद्र से मध्यान्ह भोजन के संबंध में दूसरी किस्त मिलने के बाद राज्य ने यह धनराशि जारी की है। यह बजट भोजन माताओं को प्रोत्साहन राशि के मद में जारी किया गया है।
मध्यान्ह भोजन के मद में केंद्र से पहली किस्त मिलने के बाद राज्य के अपना हिस्सा न देने की वजह से अगली किस्त अटक गई थी। इसके साथ ही भोजन माताओं के मानदेय के भुगतान में भी दिक्कत पैदा हो गई। बाद में राज्य के अपने हिस्से की धनराशि जारी करने के बाद केंद्र ने दूसरी किस्त जारी कर दी है। इसके बाद भोजन माताओं के मानदेय के मद का पैसा जारी किया गया है। भोजन माताओं को केंद्रीय योजना के प्रावधान के मुताबिक 900 रुपये मानदेय दिया जाता है। राज्य सरकार ने मानदेय में प्रोत्साहन राशि के रूप में 1100 रुपये और बढ़ा दिए हैं। इस तरह भोजन माताओं को दो हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। राज्य के स्कूलों में 28000 हजार भोजन माताएं कार्यरत हैं।
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