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भविष्य निधि संगठन ने भी शुरू की खातों की जांच
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
फर्जी कॉल सेंटरों पर चारों तरफ से शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने भी खातों की पड़ताल शुरू कर दी है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक यदि इन कंपनियों के यहां खाते हुए तो उन सभी को बंद किया जाएगा। फिलहाल जांच की जा रही है कि इन्होंने यहां खाते खुलवाए भी हैं या नहीं।
बता दें कि क्लेमेंटटाउन में जिन कंपनियों के कॉल सेंटर चल रहे थे, उनके नाम ऐस कम्यूनिकेशन ऑपरेटिंग, जॉक लैब टेक्नोलॉजी ऑपरेटिंग और पेंटल कम्यूनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड हैं। इनमें यहां ऐस कंपनी के दो कॉल सेंटर और बाकी दोनों का एक-एक कॉल सेंटर था। इन सभी में 60 से ज्यादा कर्मचारी काम करते थे। इनका मासिक वेतन 10 हजार रुपये से लेकर 30-40 हजार रुपये तक था। चूंकि, कंपनियां हैं और इन्होंने कर्मचारियों की भर्ती भी की है तो कहीं न कहीं इनका पंजीकरण जरूर होगा। ऐसे में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के स्थानीय कार्यालय ने भी इनके बारे में पड़ताल शुरू कर दी है। स्थानीय आयुक्त का कहना है कि कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों की जांच की जा रही है। यदि ये खाते यहां मिलते हैं तो जल्द से जल्द इन्हें बंद किया जाएगा। साथ ही अन्य जो भी कोई जानकारी होगी वह पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों से साझा की जाएगी।
फिलहाल इन कंपनियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यदि देश में कहीं भी इस तरह की कंपनियों के खाते हैं, तो इसके लिए अन्य कार्यालयों को भी सूचित किया जा रहा है। आयुक्त के अनुसार यदि अन्य किसी कार्यालय में भी इस इन कॉल सेंटरों के कर्मचारियों के खाते होंगे तो वे भी बंद कराए जाएंगे।
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फर्जी कॉल सेंटरों पर चारों तरफ से शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने भी खातों की पड़ताल शुरू कर दी है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक यदि इन कंपनियों के यहां खाते हुए तो उन सभी को बंद किया जाएगा। फिलहाल जांच की जा रही है कि इन्होंने यहां खाते खुलवाए भी हैं या नहीं।
बता दें कि क्लेमेंटटाउन में जिन कंपनियों के कॉल सेंटर चल रहे थे, उनके नाम ऐस कम्यूनिकेशन ऑपरेटिंग, जॉक लैब टेक्नोलॉजी ऑपरेटिंग और पेंटल कम्यूनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड हैं। इनमें यहां ऐस कंपनी के दो कॉल सेंटर और बाकी दोनों का एक-एक कॉल सेंटर था। इन सभी में 60 से ज्यादा कर्मचारी काम करते थे। इनका मासिक वेतन 10 हजार रुपये से लेकर 30-40 हजार रुपये तक था। चूंकि, कंपनियां हैं और इन्होंने कर्मचारियों की भर्ती भी की है तो कहीं न कहीं इनका पंजीकरण जरूर होगा। ऐसे में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के स्थानीय कार्यालय ने भी इनके बारे में पड़ताल शुरू कर दी है। स्थानीय आयुक्त का कहना है कि कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों की जांच की जा रही है। यदि ये खाते यहां मिलते हैं तो जल्द से जल्द इन्हें बंद किया जाएगा। साथ ही अन्य जो भी कोई जानकारी होगी वह पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों से साझा की जाएगी।
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फिलहाल इन कंपनियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यदि देश में कहीं भी इस तरह की कंपनियों के खाते हैं, तो इसके लिए अन्य कार्यालयों को भी सूचित किया जा रहा है। आयुक्त के अनुसार यदि अन्य किसी कार्यालय में भी इस इन कॉल सेंटरों के कर्मचारियों के खाते होंगे तो वे भी बंद कराए जाएंगे।
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