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हरे पेड़ काटने के मामले में नहीं हुई कार्रवाई
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
सेलाकुई में कैनाल रोड स्थित बाग से बीते दिनों आम के हरे पेड़ काटने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 10 दिन बीत जाने के बाद भी कार्रवाई तो दूर विभागीय अधिकारी निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। इससे विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
जानकारी के अनुसार भूमाफियाओं ने बीते दिनों बगैर अनुमति के आम के 100 से अधिक हरे पेड़ों को रातों रात काटकर लकड़ी की निकासी भी कर दी थी। जबकि, पेड़ों के ठूंठ जेसीबी से गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिए थे। इसकी पुष्टि वन विभाग की टीम ने भी थी, लेकिन देहरादून वन प्रभाग के डीएफओ राजीव धीमान ने तब बताया कि उनके पास उद्यान विभाग से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। इस संबंध में उद्यान विभाग के स्थानीय अधिकारी और कर्मचारियों ने बाग से 26 फलदार पेड़ों के काटे जाने की पुष्टि करते हुए एक सप्ताह में कार्रवाई की बात कही थी। उधर, उद्यान विभाग के एसडीओ जे दास का कहना है कि आम के पेड़ काटने के लिए उद्यान विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई। विभाग की ओर से एक बार प्रारंभिक निरीक्षण किया गया था। सोमवार को दोबारा मौके पर जाकर विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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सेलाकुई में कैनाल रोड स्थित बाग से बीते दिनों आम के हरे पेड़ काटने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 10 दिन बीत जाने के बाद भी कार्रवाई तो दूर विभागीय अधिकारी निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। इससे विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
जानकारी के अनुसार भूमाफियाओं ने बीते दिनों बगैर अनुमति के आम के 100 से अधिक हरे पेड़ों को रातों रात काटकर लकड़ी की निकासी भी कर दी थी। जबकि, पेड़ों के ठूंठ जेसीबी से गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिए थे। इसकी पुष्टि वन विभाग की टीम ने भी थी, लेकिन देहरादून वन प्रभाग के डीएफओ राजीव धीमान ने तब बताया कि उनके पास उद्यान विभाग से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। इस संबंध में उद्यान विभाग के स्थानीय अधिकारी और कर्मचारियों ने बाग से 26 फलदार पेड़ों के काटे जाने की पुष्टि करते हुए एक सप्ताह में कार्रवाई की बात कही थी। उधर, उद्यान विभाग के एसडीओ जे दास का कहना है कि आम के पेड़ काटने के लिए उद्यान विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई। विभाग की ओर से एक बार प्रारंभिक निरीक्षण किया गया था। सोमवार को दोबारा मौके पर जाकर विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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