{"_id":"5bc79dcfbdec2269be3318d7","slug":"15398086889-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब दंपति पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अब दंपति पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप
Updated Thu, 18 Oct 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। वित्तीय लेनदेन और ब्लैकमेलिंग के विवाद ने बुधवार को नाटकीय मोड़ ले लिया है। पहले एक दंपति ने शहर के नामी फाइनेंसर पर कर्ज अदायगी के बहाने शोषण का आरोप लगाया था। अब जवाब में फाइनेंसर के समर्थक ऋषिकेश रीयल एस्टेट एसोसिएशन के सदस्य कोतवाली पहुंचें और उक्त दंपति के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए मुकदमे की तहरीर दी है। व्यापारियों ने दंपति के खिलाफ दी तहरीर में कहा है कि फाइनेंसर दिनेश कोठारी पर बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं।
बेबुनियाद आरोपों की आड़ में अवैध उगाही की कोशिश हो रही है। यही वजह है कि विभिन्न माध्यमों से फाइनेंसर पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। इससे दिनेश कोठारी की मानहानि हो रही है। एसोसिएशन ने मांग की है कि इस ब्लैकमेलिंग व जबरन वसूली की कोशिश का संज्ञान लेते हुए दिनेश कोठारी का पक्ष भी सुना जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। इस मामले में कोतवाल रितेश शाह का कहना है कि जांच के बाद जरूरी हुआ तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
ब्लैकमेलरों को फूटी कौड़ी नहीं दूंगा
फाइनेंसर दिनेश कोठारी का कहना है के उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने वाले दबाव डालकर रुपयेे ऐंठना चाहते हैं। पहले एक करोड़ की डिमांड की गई, फिर गिरते गिरते चंद लाख रुपये तक आ पहुंचे।
विज्ञापन
कोतवाली नहीं पहुंचा आरोपी फाइनेंसर
फाइनेंसर दिनेश कोठारी बुधवार को खुद तहरीर देने नहीं पहुंचे। तहरीर के साथ विभिन्न शिकायतों के दस्तावेज संलग्न किए गए थे जिन पर दिनेश के हस्ताक्षर करवा दिए गए थे। हालांकि मामले में दिनेश को कोर्ट से स्टे आर्डर भी हासिल है। इसके बावजूद वह अभी सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं। तहरीर पर करीब दर्जन भर से ज्यादा व्यापारियों ने हस्ताक्षर किया है।
विज्ञापन
बेबुनियाद आरोपों की आड़ में अवैध उगाही की कोशिश हो रही है। यही वजह है कि विभिन्न माध्यमों से फाइनेंसर पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। इससे दिनेश कोठारी की मानहानि हो रही है। एसोसिएशन ने मांग की है कि इस ब्लैकमेलिंग व जबरन वसूली की कोशिश का संज्ञान लेते हुए दिनेश कोठारी का पक्ष भी सुना जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। इस मामले में कोतवाल रितेश शाह का कहना है कि जांच के बाद जरूरी हुआ तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
ब्लैकमेलरों को फूटी कौड़ी नहीं दूंगा
फाइनेंसर दिनेश कोठारी का कहना है के उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने वाले दबाव डालकर रुपयेे ऐंठना चाहते हैं। पहले एक करोड़ की डिमांड की गई, फिर गिरते गिरते चंद लाख रुपये तक आ पहुंचे।
विज्ञापन
कोतवाली नहीं पहुंचा आरोपी फाइनेंसर
फाइनेंसर दिनेश कोठारी बुधवार को खुद तहरीर देने नहीं पहुंचे। तहरीर के साथ विभिन्न शिकायतों के दस्तावेज संलग्न किए गए थे जिन पर दिनेश के हस्ताक्षर करवा दिए गए थे। हालांकि मामले में दिनेश को कोर्ट से स्टे आर्डर भी हासिल है। इसके बावजूद वह अभी सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं। तहरीर पर करीब दर्जन भर से ज्यादा व्यापारियों ने हस्ताक्षर किया है।